कन्नड़ सिनेमा से पन-इंडिया स्टार बने रॉकिंग स्टार याश ने बॉक्स ऑफिस पर एक असाधारण हैट्रिक पूरी की है। उनकी तीन लगातार फिल्में—‘केजीएफ: चैप्टर 2’, ‘टॉक्सिक’ और ‘रामायण’—दुनिया भर में पहले दिन 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने में सफल रही हैं। ‘रामायण’ ने ओपनिंग दिवस पर अनुमानित 155 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड ग्रॉस किया, जिसमें दक्षिण भारतीय राज्यों से लगभग 33 करोड़ रुपये आए।
‘केजीएफ: चैप्टर 2’ ने पहले दिन 164 करोड़ रुपये की वर्ल्डवाइड कमाई की थी, जबकि ‘टॉक्सिक’ ने 140.75 करोड़ रुपये का आंकड़ा छुआ था। इसके बाद ‘रामायण’ के 155 करोड़ रुपये के ओपनिंग ने याश को उन चुनिंदा भारतीय स्टार्स में शामिल कर दिया है, जिनकी फिल्में बार-बार विशाल शुरुआती संग्रह दर्ज कराती हैं।
नीतेश तिवारी निर्देशित ‘रामायण’ में याश ने रावण का किरदार निभाया है, जबकि रणबीर कपूर राम और साईं पल्लवी सीता बने हैं। फिल्म ने देश में पहले दिन 64.85 करोड़ रुपये नेट कमाए और निर्माताओं के अनुसार वर्ल्डवाइड 155 करोड़ रुपये का ग्रॉस दर्ज किया।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिल्म ने दिवाली से पहले भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है। दक्षिण भारतीय बाजारों से 33 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई याश की स्थानीय कनेक्टिविटी और पैन-इंडिया अपील, दोनों को दर्शाती है।
याश का रावण फिल्म की सबसे चर्चित बातों में से एक बना हुआ है। आलोचकों का मानना है कि उन्होंने इस जटिल चरित्र को तीव्रता, अधिकार और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के साथ परदे पर उतारा है।
‘केजीएफ: चैप्टर 2’ के बाद याश की राष्ट्रव्यापी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। कन्नड़ सिनेमा से शुरुआत करने वाले अभिनेता ने हिंदी पट्टी समेत कई बाजारों में अपनी पकड़ बनाई है और अब वे देशभर में थिएटरों में दर्शक खींचने वाली ताकत के रूप में स्थापित हो चुके हैं।
‘रामायण’ में याश केवल रावण की भूमिका तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने अपनी कंपनी मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के जरिए नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज के साथ फिल्म का सह-निर्माण भी किया है।
यह उनके करियर के लिए एक नया अध्याय है, जहां अभिनय के साथ बड़े पैमाने पर फिल्म निर्माण की उनकी महत्वाकांक्षा भी सामने आई है। दो-भागों वाली इस महाकथा में उनकी भूमिका और निर्माता के रूप में साझेदारी दोनों को खास महत्व मिला है।
याश की यह सफलता केवल आंकड़ों की बात नहीं है। यह दर्शाती है कि वे एक भाषा, क्षेत्र या फिल्म शैली तक सीमित नहीं रहे। ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ से ‘टॉक्सिक’ और अब ‘रामायण’ तक उनका सफर भारतीय सिनेमा में एक विश्वस्त थिएट्रिकल स्टार के रूप में उनकी स्थिति को मजबूत करता है।
अगले दिनों में ‘रामायण’ की कमाई यह तय करेगी कि यह ओपनिंग कितनी बड़ी उपलब्धि बनती है, लेकिन याश की तीन लगातार 100 करोड़ प्लस ओपनिंग उन्हें भारतीय बॉक्स ऑफिस के सबसे भरोसेमंद सितारों में खड़ा कर देती है।
