ऋचा चड्ढा को अपनी नई सीरीज़ ‘मुसाफिरी’ के लिए एक नया साथी मिल गया है, और यह साथी संगीत के ज़रिए उनसे जुड़ा है। भारत की अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं को दिखाने वाली उनकी इस सीरीज़ का टाइटल ट्रैक मशहूर संगीतकार स्नेहा खानवलकर ने तैयार किया है।
स्नेहा ने इस गाने को कंपोज़ करने के साथ-साथ अपनी आवाज़ भी दी है। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के यादगार संगीत और ‘द साउंड ट्रिपिन’ जैसे अनोखे म्यूज़िक शो के लिए जानी जाने वाली स्नेहा ने इस गाने में सफर और नई जगहों को जानने की उत्सुकता को खूबसूरती से दिखाया है। यह गाना सिर्फ मशहूर जगहों तक सीमित न रहकर भारत की अनकही कहानियों और अलग-अलग रंगों को जानने का एहसास कराता है।
ऋचा चड्ढा कहती हैं, “मुझे गर्व है कि मैं स्नेहा को अपनी दोस्त कह सकती हूं। अगर भारत में हज़ारों कहानियां हैं, तो स्नेहा शायद उन सभी के लिए संगीत तैयार कर सकती हैं। मुझे इस गाने की धुन बहुत पसंद है। इसमें एक जिज्ञासा है, थोड़ी शरारत है और कहीं-कहीं लोरी जैसी मिठास भी है। बतौर एक्टर मेरी पहली फिल्म ‘ओए लकी! लकी ओए!’ थी, जो स्नेहा की भी पहली फिल्म थी। बतौर प्रोड्यूसर मेरी पहली फिल्म ‘गर्ल्स विल बी गर्ल्स’ में भी स्नेहा का एक गाना था और अब बतौर क्रिएटर मेरी पहली सीरीज़ में भी वह मेरे साथ हैं। सच कहूं तो वह मेरे लिए लकी चार्म हैं।”
स्नेहा खानवलकर ने कहा, “ऋचा की अपनी एक अलग और मज़बूत सोच है। उन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई और समझ को ‘मुसाफिरी’ जैसे शानदार, दिलचस्प और मनोरंजक शो में बहुत अच्छे से इस्तेमाल किया है। यह शो हमें ऐसी जगहों और संस्कृतियों से रूबरू कराता है, जिन्हें हमने देखा तो है, लेकिन उनके बारे में इतनी गहराई से कभी नहीं जाना। जब ऋचा ने मुझसे इसके लिए टाइटल सॉन्ग बनाने को कहा, तो मैंने उन्हें एक साधारण लय वाला म्यूज़िक ट्रैक भेजा, जिसमें मैंने कुछ ऐसे शब्दों और धुनों का इस्तेमाल किया था जिनका कोई खास मतलब नहीं था। इसके बाद ऋचा ने खुद उस पर बोल लिखे, ताकि मैं उन्हें गाने के रूप में रिकॉर्ड कर सकूं। ऋचा के साथ काम करना हमेशा मज़ेदार होता है।”