लगातार कई महीनों तक फिल्मों की शूटिंग, काम की व्यस्तता और आयरनमैन ट्रायथलॉन की कड़ी तैयारी के बाद सैयामी खेर ने हाल ही में कुछ समय अपने लिए निकाला। वह अपने पिता अद्वैत खेर के साथ ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड घूमने गईं। यह यात्रा उनके लिए सिर्फ छुट्टियां बिताने का मौका नहीं थी, बल्कि एक भावुक अनुभव भी थी। इस दौरान उन्हें अपने पिता के साथ खेल, रोमांच और प्रकृति से जुड़ी उन चीजों को दोबारा जीने का मौका मिला, जिनसे उन्हें उनके पिता ने बचपन में प्यार करना सिखाया था।
सैयामी ने इस यात्रा के दौरान माता-पिता की ज़िम्मेदारियों, उनके त्याग और बच्चों के बड़े होने के बाद रिश्तों में आने वाले बदलावों को लेकर एक भावुक नोट भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे माता-पिता पूरी जिंदगी अपने बच्चों की खुशियों के लिए अपनी ज़रूरतों और इच्छाओं को पीछे रखते हैं। लेकिन समय के साथ जब बच्चे बड़े होते हैं, तो वही बच्चे अपने माता-पिता की देखभाल करने लगते हैं।
अभिनेत्री ने बताया कि अपने पिता के साथ ऑस्ट्रेलिया जाना उनकी हमेशा से इच्छा रही थी। इसकी एक खास वजह यह भी थी कि ऑस्ट्रेलिया में खेल और रोमांच वहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। पिता-बेटी ने क्वींसलैंड में दो हफ्ते साथ बिताए और इस दौरान कई यादगार अनुभव हासिल किए। दोनों ने ग्रेट बैरियर रीफ में डाइविंग की, गाबा स्टेडियम का दौरा किया, सर्फिंग की, टंगलूमा में एक डूबे हुए जहाज के पास स्नॉर्कलिंग का अनुभव लिया। इस यात्रा का एक खास पल तब आया, जब सैयामी ने मैराथन दौड़ी और उनके पिता फिनिश लाइन पर खड़े होकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे।
इस यात्रा के पीछे की भावुक वजह बताते हुए सैयामी ने कहा, "मुझे हमेशा लगता है कि माता-पिता बनना दुनिया के सबसे मुश्किल और कम सराहना मिलने वाले कामों में से एक है। आप अपनी पूरी जिंदगी अपनी नींद, आराम और खुशियों का त्याग सिर्फ इसलिए करते हैं, ताकि आपके बच्चे को हर अच्छी चीज मिल सके। मैंने बचपन से अपने माता-पिता को ऐसा करते देखा है। आज इतने सालों बाद भी उनकी चिंता और त्याग कम नहीं हुआ है। लेकिन कहीं न कहीं समय के साथ एक बदलाव आया है और अब बच्चा अपने माता-पिता की देखभाल करने लगा है।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरे अंदर खेल, रोमांच और प्रकृति के करीब रहने का जो प्यार है, वह मेरे पिता की वजह से है। जब मैं मुश्किल से दो-तीन साल की थी, तब उन्होंने मुझे तैरना सिखाया था। आज जब भी मैं ट्रेकिंग करती हूं, डाइविंग करती हूं, कोई रेस दौड़ती हूं या क्रिकेट का बल्ला और बैडमिंटन रैकेट उठाती हूं, तो मुझे हर जगह उनकी सीख और उनका थोड़ा-सा हिस्सा नजर आता है। इसीलिए मैं हमेशा उनके साथ ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती थी। यह एक ऐसा देश है, जहां मेरा मन कभी नहीं भरता और जहां खेल और रोमांच जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। मुझे उनके साथ समय बिताने का इससे बेहतर तरीका नहीं मिल सकता था कि हम उन सभी चीजों को साथ करें, जिनसे उन्होंने मुझे प्यार करना सिखाया।"
सैयामी ने यह भी बताया कि इस यात्रा के दौरान बिताए गए पल हमेशा उनकी सबसे प्यारी यादों में शामिल रहेंगे। उन्होंने लिखा, "ये ऐसी यादें हैं, जिन्हें मैं जिंदगीभर अपने साथ रखूंगी। क्योंकि मुझे ये खूबसूरत अनुभव उस इंसान के साथ जीने का मौका मिला, जिसने सबसे पहले मुझे दुनिया को जानने की जिज्ञासा दी और नई जगहों को देखने और उन्हें एक्सप्लोर करने का हौसला दिया।"
अपने भावुक संदेश के आखिर में अभिनेत्री ने अपने माता-पिता को वह खुशी देने की इच्छा भी ज़ाहिर की, जो उन्होंने पूरी जिंदगी उन्हें दी है। उन्होंने कहा, "हम अपने माता-पिता के लिए कभी भी उनके किए गए हर त्याग और प्यार का पूरा बदला नहीं चुका सकते। लेकिन मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उन्हें इस दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों पर ले जाऊं, उनके साथ सूर्योदय और सूर्यास्त देखूं और उन्हें कुछ ऐसे पल दे सकूं, जहां उन्हें किसी बात की चिंता न करनी पड़े। मेरी बस यही इच्छा है कि मैं उन्हें उस खुशी का एक छोटा-सा हिस्सा भी दे पाऊं, जो उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी मुझे देने में लगा दी।"
सिनेमा और लंबी दूरी की खेल प्रतियोगिताओं के जरिए खुद को लगातार चुनौती देने वाली सैयामी के लिए यह यात्रा उन्हें यह याद दिलाने का भी एक मौका थी कि रोमांच और खेल के प्रति उनका प्यार कहां से शुरू हुआ था। आज भले ही सैयामी अपनी जिंदगी में नए मुकाम हासिल करने में जुटी हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की यह यात्रा उनके लिए फिर से बचपन की यादों में लौटने और उस इंसान के साथ नई यादें बनाने का मौका बनी, जिसने उन्हें पहली बार दुनिया को करीब से देखना और उसे एक्सप्लोर करना सिखाया।