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सुचित्रा और राजू का ‘हे राम’, दोस्ती और उम्मीद के नाम

सुचित्रा और राजू का ‘हे राम’, दोस्ती और उम्मीद के नाम

गायिका और अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति तथा संगीतकार राजू सिंह का गीत ‘हे राम’ विश्व हृदय दिवस से पहले 27 सितंबर को रिलीज हुआ। कुमार के लिखे इस गीत में दोस्ती, करुणा, प्रार्थना और उम्मीद की भावनाएं हैं। इसकी शुरुआत किसी व्यावसायिक योजना से नहीं, बल्कि निजी दुख से गुजर रहे एक साझा मित्र को भावनात्मक सहारा देने की कोशिश से हुई थी।
अनिश्चितता और बेचैनी के उस दौर में सुचित्रा और राजू अपने मित्र तक प्यार और भरोसा पहुंचाना चाहते थे। जब शब्द कम पड़े, तो दोनों ने संगीत का सहारा लिया। इसी कोशिश ने ‘हे राम’ का रूप लिया।
सुचित्रा कहती हैं, ‘हम किसी का दर्द दूर नहीं कर सकते। लेकिन संगीतकार के तौर पर किसी गीत में अपना दिल रख सकते हैं और उम्मीद कर सकते हैं कि वह जरूरतमंद तक पहुंचे।’
शुरुआत में यह गीत एक मित्र तक सीमित था। धीरे-धीरे इसे सुनने वालों ने दोबारा सुनने की इच्छा जताई। लोगों को इसमें अपने रिश्तों, भावनाओं और अनुभवों की झलक मिली। इस प्रतिक्रिया के बाद दोनों कलाकारों ने इसे व्यापक श्रोताओं तक पहुंचाने का फैसला किया।
राजू सिंह कहते हैं, ‘हमने इसे एक दोस्त के लिए बनाया था। प्रतिक्रिया ने एहसास कराया कि एक दिल के लिए बना गीत लाखों दिलों में जगह पा सकता है।’
कुमार के बोल कठिन समय में प्रार्थना से मिलने वाली ताकत और अपनों का साथ बने रहने की उम्मीद व्यक्त करते हैं। उनके मुताबिक, किसी प्रिय के दुख में उठने वाली प्रार्थना धार्मिक सीमाएं नहीं देखती।
गीत का शीर्षक प्रार्थना का आह्वान करता है, लेकिन इसका संदेश मानवीय जुड़ाव और संवेदना है। यह दुख में घिरे किसी व्यक्ति को अकेला महसूस न होने देने की कोशिश है।