‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के विदा लेने की तैयारी के बीच अभिनेत्री रावी गुप्ता भावुक हैं। उनके लिए यह धारावाहिक पुराने साथियों से दोबारा जुड़ने और अंतराल के बाद अभिनय की दुनिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का अवसर रहा।
रावी कहती हैं, ‘हम जानते थे कि यह सीमित अवधि का धारावाहिक है और एक दिन समाप्त होगा। फिर भी खुशी और उदासी साथ हैं। खुशी है कि दर्शकों ने धारावाहिक और मेरे किरदार को पसंद किया। किरदार का सफर जिस तरह दिखाया गया, उससे संतुष्ट हूं।’
सेट की यादों का जिक्र करते हुए वह बताती हैं कि पूरी टीम के साथ वाले दृश्य उनके लिए खास रहे। वर्षों बाद पुराने साथियों से मिलकर अपनापन महसूस हुआ। उनके मुताबिक, शूटिंग का आखिरी दिन सभी के लिए भावुक था। लंबे समय तक साथ काम करने के बाद खालीपन महसूस होना स्वाभाविक है।
स्मृति ईरानी के साथ काम करने पर रावी कहती हैं, ‘वह प्रेरणादायक महिला हैं। अपने काम के प्रति उनका जुनून, एकाग्रता और छोटी बातों पर ध्यान देना मुझे प्रभावित करता है। उनके व्यवहार में गर्मजोशी है।’
करियर के लिहाज से रावी इस धारावाहिक को महत्वपूर्ण पड़ाव मानती हैं। वह बताती हैं कि काम से कुछ समय दूर रहने के बाद इस शो ने उन्हें फिर चर्चा में ला दिया। अब लोग उनसे संपर्क कर अगली परियोजना के बारे में पूछ रहे हैं।
रावी के अनुसार, यह धारावाहिक पहले भी उनके करियर के लिए अहम था और अब भी इसकी अहमियत उतनी ही है। विदाई के बाद उन्हें सबसे ज्यादा सहकलाकारों का साथ याद आएगा। वह कहती हैं, ‘शॉट के बीच हंसी-मजाक, एक-दूसरे की खिंचाई और बातचीत के छोटे पल हमेशा मेरे साथ रहेंगे।’
