पीआर कंसल्टेंट प्रशांत गोलेचा मनोरंजन उद्योग में अपने साफ विचारों, पेशेवर रवैये और मजबूत व्यक्तिगत रिश्तों के लिए जाने जाते हैं। डायरेक्टर्स कट प्रोडक्शन, राहुल तिवारी प्रोडक्शन, प्रतीक शर्मा और पार्थ शाह, अर्जुन बिजलानी समेत कई बड़े नाम उनके क्लाइंट हैं। उनका मानना है कि अच्छी पीआर का मतलब सिर्फ मीडिया में खबरें दिलाना नहीं है। यह भरोसा बनाने, व्यक्तिगत रूप से जुड़ने और ईमानदारी से लोगों तथा परिस्थितियों को संभालने की कला है।
बड़ी पीआर एजेंसियों की तुलना में स्वतंत्र कंसल्टेंट की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए प्रशांत कहते हैं, “लचीलापन। मैं अपनी रफ्तार से काम करता हूं और कॉर्पोरेट ऑफिस के माहौल में बंधा नहीं रहता। एजेंसियों में क्लाइंट संभालने वाले लोग बार-बार बदलते रहते हैं, लेकिन मैं खुद हर काम और हर क्लाइंट की प्रगति में शामिल रहता हूं। यही व्यक्तिगत जुड़ाव मायने रखता है।”
पत्रकारों को खबर की पिच भेजते समय वे छोटे और सीधे संदेश पर जोर देते हैं। उनके अनुसार, जरूरी बातों को पॉइंट में लिखकर और हाइलाइट करके ईमेल तथा व्हाट्सएप दोनों पर भेजना बेहतर रहता है, ताकि कोई संदेश छूट न जाए।
सोशल मीडिया के दौर में सेलिब्रिटी को टिप्पणियों और अफवाहों से निपटने में मदद भी उनके काम का हिस्सा है। वे कहते हैं, “मैं क्लाइंट्स को समझाता हूं कि हर चीज को दिल पर न लें। ये अजनबी लोग उनकी जिंदगी पर टिप्पणी करते हैं। जब जरूरत न हो, तब चुप रहना सीखना चाहिए।”
किसी एक्टर की छवि बदलने के लिए वे धैर्य, सही समय और सोची-समझी मीडिया रणनीति पर भरोसा करते हैं। उनके अनुसार, कुछ महीने दूर रहकर फिर ताजा तस्वीरों के साथ लौटना, एक्सक्लूसिव लेख और चुनिंदा पत्रकारों से मुलाकातें नई पहचान बनाने में मदद करती हैं।
झूठी अफवाहों पर वे तुरंत स्पष्टीकरण जारी करने की सलाह देते हैं। पेमेंट की चुनौती को लेकर वे कहते हैं कि हर स्वतंत्र पीआर कंसल्टेंट को पूरी रकम एडवांस में लेनी चाहिए। उनका मानना है कि काम और रिश्तों में व्यक्तिगत सद्भाव तथा भरोसा ही सबसे स्थायी पूंजी है।
