मुंबई। फिल्मकार तैरा मलानी की पुरस्कार विजेता वृत्तचित्र ‘टर्टल वॉकर’ 19 अक्टूबर, 2026 को रात 9 बजे एनिमल प्लैनेट पर प्रीमियर करेगी। यह फिल्म चैनल की वृत्तचित्र श्रृंखला ‘इंडिया: एपिक वाइल्ड स्टोरीज’ का हिस्सा है और इसका निर्माण टाइगर बेबी, एमाहो फिल्म्स तथा ऑस्कर-नामांकित एचएचएमआई टैंगल्ड बैंक स्टूडियोज ने किया है। ज़ोया अख्तर और रीमा कागती इसके समर्थक निर्माताओं में शामिल हैं, जबकि ऑस्कर विजेता फिल्मकार जेम्स रीड कार्यकारी निर्माता हैं।
फिल्म समुद्री कछुओं के संरक्षक सतीश भास्कर के जीवन और कार्य पर केंद्रित है। 1970 के दशक के अंत से शुरू होने वाली यह कहानी उनके भारत के तटों तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में समुद्री कछुओं के प्रजनन स्थलों को खोजने और उन्हें सुरक्षित रखने के प्रयासों को दर्शाती है।
‘टर्टल वॉकर’ में लक्षद्वीप के निर्जन सुहेली पार द्वीप पर भास्कर के एकांतपूर्ण प्रवास की भी झलक मिलती है, जहां वे बोतल में बंद पत्रों के जरिए अपनी पत्नी से संवाद करते थे। फिल्म 2004 की विनाशकारी सुनामी के बाद अंडमान में उनकी वापसी को भी दिखाती है, जब वे इस आपदा का समुद्री कछुओं और उनके प्रजनन तटों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने का प्रयास करते हैं।
डीओसी एनवाईसी 2024 में प्रीमियर हो चुकी यह फिल्म रेनडांस, हैम्पटन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, बैन्फ माउंटेन फिल्म फेस्टिवल और ब्रिस्बेन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे कई समारोहों में प्रदर्शित हो चुकी है। इसे जैक्सन वाइल्ड ग्रैंड टेटन, अकादेमिया फिल्म ओलोमोउत्स का सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार, सिल्बरसाल्ज़ साइंस एंड मीडिया अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ नेचर प्रोग्राम तथा तस्वीर फिल्म फेस्टिवल का ज्यूरी अवार्ड मिला है। ग्रियर्सन अवार्ड्स में इसे सर्वश्रेष्ठ विज्ञान एवं प्राकृतिक इतिहास वृत्तचित्र की श्रेणी में नामांकन भी प्राप्त हुआ।
निर्देशक तैरा मलानी ने कहा कि लगभग नौ वर्षों की मेहनत, 75 से अधिक अंतरराष्ट्रीय समारोहों, 20 से अधिक पुरस्कारों और सौ से अधिक सामुदायिक प्रदर्शनों के बाद फिल्म का भारतीय दर्शकों तक पहुंचना विशेष अनुभव है। उन्होंने आशा जताई कि दर्शक देश की समृद्ध समुद्री जैव विविधता से जुड़ेंगे और एक व्यक्ति के संकल्प की ताकत से प्रेरित होंगे।
‘इंडिया: एपिक वाइल्ड स्टोरीज’ देशभर की वन्यजीव और संरक्षण कहानियों को उजागर करने वाली पहल है। ‘टर्टल वॉकर’ एनिमल प्लैनेट और तीन प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउसों के बीच पहली सहयोग परियोजना भी है।
