रिश्ते जोड़ना और उन्हें दिल से निभाना जीवन की सबसे सुंदर चीजों में से एक है। जन्म से ही हम कुछ रिश्तों में बंधे होते हैं, जबकि कुछ रिश्ते जीवन के सफर में बिना बताए जुड़ जाते हैं। कुछ रिश्ते खून के होते हैं, तो कुछ मोह, प्रेम, आपुलकी और भरोसे के धागों से बुने होते हैं। ऐसे ही रिश्तों, आपुलकी और रहस्य से जुड़ी कहानी लेकर मराठी फिल्म ‘इरावती’ 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में आ रही है।
चिन्मय प्रोडक्शन प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन निलेश देशपांडे ने किया है, जबकि निर्माण डॉ. दिनेश वैद्य का है। फिल्म में सतीश पुळेकर, अलका कुबल-आठल्ये, विजय गोखले, सुनील बर्वे, संतोष जुवेकर, जुई भागवत, स्वरदा करंदीकर, मृणालिनी जांभळे और अवंती सानप मुख्य भूमिकाओं में हैं। अनुभवी कलाकारों की मजबूत टीम और रिश्तों के भावनात्मक विश्व को दिखाने वाली कहानी के चलते ‘इरावती’ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।
निर्माता डॉ. दिनेश वैद्य ने कहा कि ‘इरावती’ सिर्फ एक फिल्म की कहानी नहीं है, बल्कि इंसानों के रिश्तों और भावनात्मक बंधनों की खोज करने वाला अनुभव है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्तों को समझना, उन्हें संभालना और उनका महत्व जानना और जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि फिल्म दर्शकों को अपनी जिंदगी से जोड़ेगी, उनके दिल को छूएगी और फिल्म खत्म होने के बाद भी सोचने पर मजबूर करेगी।
निर्देशक निलेश देशपांडे ने कहा कि हर रिश्ते की अपनी एक कहानी होती है। ‘इरावती’ के जरिए रिश्तों में छिपी भावनाओं, उनकी खिंचाव और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने वाले अदृश्य धागों की खोज की गई है। उनका मानना है कि यह कहानी दर्शकों को सिर्फ भावनात्मक अनुभव ही नहीं देगी, बल्कि अपने जीवन के रिश्तों को नए नजरिए से देखने की समझ भी देगी।
‘इरावती’ की कहानी डॉ. दिनेश वैद्य की है, जबकि पटकथा नंदू परदेशी ने लिखी है। संवाद डॉ. दिनेश वैद्य और नंदू परदेशी ने लिखे हैं। फिल्म की छायांकन अनिकेत के ने की है और संपादन सुबोध नारकर ने किया है। पायलट साउंड की जिम्मेदारी राशी बुट्टे ने संभाली है। कला निर्देशन महेंद्र राऊत का है, जबकि कार्यकारी निर्माता संभाजी जायेभाये हैं। संगीत निर्देशन कमलेश भडकमकर ने किया है। मिक्सिंग इंजीनियर अभिजीत श्रीराम देव हैं। वेशभूषा ममता मंडल और विदुला तामोरे ने की है, रंगभूषा सुदर्शन कुलाबकर ने और केशभूषा जयश्री नाईक ने संभाली है।
