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बिग बॉस के 20 साल: सलमान खान और वीकेंड का वार का अटूट रिश्ता

बिग बॉस के 20 साल: सलमान खान और वीकेंड का वार का अटूट रिश्ता

बिग बॉस हिंदी टेलीविजन का ऐसा शो बन चुका है जिसकी कल्पना सलमान खान के बिना अधूरी लगती है। दो दशक बाद भी जब वीकेंड का वार आता है तो दर्शकों की नजरें सबसे पहले सलमान को ढूंढती हैं। उनकी गैरमौजूदगी तुरंत खलती है।

सलमान खान की खासियत यह रही है कि वे वीकेंड का वार पर कोई रटी-रटाई लाइनें नहीं बोलते। शो के रॉ फुटेज घंटों देखने के बाद ही वे स्टेज पर आते हैं जिससे उनकी राय तैयार नैरेटिव पर नहीं बल्कि घर की असली स्थिति पर आधारित होती है। यही वजह है कि कंटेस्टेंट्स के साथ उनकी बातचीत में एक अलग ईमानदारी और प्रभाव दिखाई देता है।
सलमान खान का बिग बॉस से जुड़ाव सिर्फ एक होस्ट तक सीमित नहीं रहा। वे दर्शकों के अनुभव का अहम हिस्सा बन गए हैं। कंटेस्टेंट्स की पहचान, घर के माहौल और चल रहे ड्रामे की उनकी गहरी समझ ने वीकेंड का वार को एक अलग पहचान दी है। जब वे मौजूद नहीं होते तो सब्स्टिट्यूट होस्ट शो को आगे तो ले जाते हैं लेकिन दर्शकों का रिएक्शन साफ बता देता है कि सलमान का होना शो की पहचान बन चुका है।
दो दशक बाद यह बात और भी साफ हो गई है कि बिग बॉस सिर्फ कंटेस्टेंट्स और उनके ड्रामे के बारे में नहीं बल्कि उस शख्स के बारे में भी है जो बाहर से घर को देखता और समझता है। सलमान की गैरमौजूदगी भी महसूस होती है। यही सलमान खान इफेक्ट है। बिग बॉस के 20 सीजन में सलमान ने हर घर वाले की कमजोरी और ताकत को पहचाना है। उनकी डांट और तारीफ दोनों का असर कंटेस्टेंट्स पर गहरा होता है। यही वजह है कि दर्शक हर हफ्ते उनके वीकेंड का वार के एपिसोड का बेसब्री से इंतजार करते हैं।