मुंबई। अभिनेत्री आश्मिता बख्शी के लिए गणेश चतुर्थी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक गहरी भावना है जो उनकी मुंबई वाली जिंदगी से जुड़ी है। इन दिनों सीरियल '108 बेस हॉस्पिटल- यूआरआई' में नजर आ रहीं आश्मिता कहती हैं कि मुंबई में गणपति के प्रति लोगों का प्यार इस त्योहार को दिवाली से भी बड़ा बना देता है।
आश्मिता ने बताया, "गणेश चतुर्थी मेरे दिल के बहुत करीब है क्योंकि मैं मुंबई से हूं। यहां लोग धर्म से ऊपर उठकर इसे अपना त्योहार मानते हैं। यह दिवाली से कम नहीं है, बल्कि कई मायनों में उससे भी बड़ा लगता है।"
बचपन की यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही अपने घर में गणपति की मूर्ति लाते हुए देखती आ रही हैं। उनके लिए यह उत्सव भक्ति के साथ-साथ एकजुटता का भी प्रतीक है, जब परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी एक साथ आकर बप्पा का आशीर्वाद लेते हैं और प्रसाद बांटते हैं।
हालांकि इस साल उनके लिए यह त्योहार थोड़ा भावुक करने वाला है। आश्मिता इन दिनों थाईलैंड में एक डांस कॉम्पिटिशन के लिए गई हुई हैं और अपने जीवन में पहली बार वह घर के गणपति उत्सव में शामिल नहीं हो पाएंगी। उन्होंने कहा, "यह मेरी जिंदगी में पहली बार है जब मैं इस उत्सव का हिस्सा नहीं हूं।"
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता मानने वाली आश्मिता कहती हैं कि जब आप सच्चे मन से भगवान पर विश्वास करते हैं तो हिसाब-किताब नहीं करते। उन्होंने कहा, "हम सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं और सब कुछ उनके हाथों में छोड़ देना चाहिए।"
वह मानती हैं कि भले ही त्योहार में व्यावसायीकरण बढ़ा है, लेकिन आस्था ही इसे असली बनाती है। बख्शी परिवार में डेढ़ दिन के लिए बप्पा को लाया जाता है। मिठाइयों की शौकीन आश्मिता हंसते हुए कहती हैं, "गणपति मेरे लिए नो-गिल्ट फेस्टिवल है, हम बिना किसी अपराधबोध के जमकर मिठाइयां खाते हैं और सब त्योहार के नाम पर डाल देते हैं।" इस साल उन्होंने बप्पा से सिर्फ अपने परिवार की सेहत और खुशहाली मांगी है।