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अब मैं किसी भी नए लोगो से नहीं मिलना चाहता-करण जौहर

अब मैं किसी भी नए लोगो से नहीं मिलना चाहता-करण जौहर

बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता करण जौहर ने हाल ही में अपने जीवन के निजी पहलुओं पर खुलकर बात की है, जिसमें अकेलापन, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक संपर्कों से दूरी जैसे विषय शामिल हैं। एक पॉडकास्ट में दिए गए साक्षात्कार में करण ने बताया कि वे अक्सर अकेलापन महसूस करते हैं, खासकर तब जब वे अकेले खाना खाते हैं या अपनी उपलब्धियों को किसी के साथ साझा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, "आप अपने चरम पर सबसे ज्यादा अकेले महसूस करते हैं, न कि निचले पड़ाव पर।" नवंबर 2025 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान करण ने खुलासा किया कि उनके पास कोई 'प्लस वन' यानी साथी नहीं था, जबकि बाकी सभी अपने पार्टनर के साथ आए थे। उनकी माँ स्वास्थ्य कारणों से यात्रा नहीं कर सकीं और उनके जुड़वाँ बच्चे बहुत छोटे थे, जिससे उन्हें अपनी उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए कोई खास व्यक्ति नहीं मिला। जनवरी 2026 में करण जौहर ने एक हफ्ते के लिए सोशल मीडिया से 'डिजिटल डिटॉक्स' लेने की घोषणा की। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, "एक हफ्ते के लिए डिजिटल डिटॉक्स! कोई डूम स्क्रॉलिंग नहीं! कोई डीएम नहीं! कोई पोस्ट नहीं!" यह फैसला उन्होंने लगातार ट्रोलिंग और ऑनलाइन नकारात्मकता से बचने के लिए लिया। मई 2026 में करण ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कई बॉलीवुड सितारों—जिनमें शाहरुख खान, आलिया भट्ट, करीना कपूर और मनीष मल्होत्रा शामिल हैं—को अनफॉलो कर दिया, जिससे यह संकेत मिला कि वे सामाजिक और डिजिटल दोनों तरह के संपर्कों से दूरी बना रहे हैं। करण जौहर पहले भी क्लिनिकल डिप्रेशन, बॉडी डिस्मॉर्फिया और चिंता जैसे मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों पर खुलकर बात कर चुके हैं। वे नियमित रूप से थेरेपी लेते हैं और आत्म-सुधार को एक निरंतर यात्रा मानते हैं। उनका यह कहना कि वे अब नए लोगों से नहीं मिलना चाहते, यह भावना कई लोगों में देखी जा सकती है। यह अस्थायी हो सकता है और कई बार मानसिक थकान, नकारात्मक अनुभवों, या आत्म-संरक्षण की प्रवृत्ति के कारण होता है। यदि यह भावना लंबे समय तक बनी रहे, तो पेशेवर सहायता लेना फायदेमंद हो सकता है—जैसा कि करण जौहर ने स्वयं थेरेपी का सहारा लिया। उनका यह खुलासा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस का प्रतीक है।