ओटीटी की दुनिया में धूम मचाने के बाद 'मिर्जापुर' अब बड़े पर्दे पर 'मिर्जापुर: द मूवी' के रूप में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म सीरीज की हूबहू कहानी नहीं, बल्कि उसी यूनिवर्स का एक नया अध्याय है, जहां सत्ता, बदले और गद्दी बचाने का खेल और भी तीखा हो गया है।
कहानी में कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू पंडित (अली फज़ल), बबलू (जितेंद्र कुमार) और वापस लौटे मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) के बीच पुराने हिसाब-किताब बराबर चलते हैं। नया ट्विस्ट जैसलमेर से आए खतरनाक ड्रग माफिया बब्बन यादव (रवि किशन) की एंट्री से आता है, जो मिर्जापुर की सियासत में नई ऊर्जा भर देता है। बीना त्रिपाठी (रसिका दुग्गल) और शरद शुक्ला (अंजुम शर्मा) भी अपने-अपने दांव खेलते नजर आते हैं।
सीरीज की बर्बरता की छवि के बावजूद फिल्म को सिनेमाई लिहाज से तराशा गया है। सेंसर बोर्ड ने दो इंटिमेट सीन से कुल 35 सेकंड काटते हुए 'A' सर्टिफिकेट दिया, लेकिन हिंसक दृश्यों को ज्यों-का-त्यों रहने दिया। मेकर्स ने भी ओटीटी वाली आज़ादी के मुकाबले गालियों और कुछ सीन्स में संयम बरता है, मगर भौकाल और स्वैग बरकरार है।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने धुआंधार शुरुआत की। पहले दिन भारत में इसकी नेट कमाई लगभग 24.75–25.15 करोड़ रुपये रही, जो 2026 की चौथी सबसे बड़ी हिंदी ओपनिंग में शुमार होती है। इसने इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' को पीछे छोड़ते हुए साल की तीसरी-चौथी बड़ी ओपनिंग का दांव खेला है। कुल ग्रॉस कलेक्शन 29–30 करोड़ रुपये के पार बताया जा रहा है।
निर्माता करण जौहर ने फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा, 'मिर्जापुर एक जबरदस्त, दमदार और मसालेदार सफर है! मुझे यह सीरीज बहुत पसंद है और मैंने फिल्म का भी भरपूर मजा लिया। सभी शानदार किरदार चमकते हैं और नए किरदारों के लिए शानदार ढंग से जगह बनाते हैं! भले ही आपने सीरीज न देखी हो, फिर भी आपको यह फिल्म बहुत पसंद आएगी।'
समीक्षकों का मानना है कि फिल्म सीरीज से ज्यादा इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव देती है, जहां हर किरदार अपने स्पेस में चमकता है। अब सवाल सिर्फ गद्दी बचाने का नहीं, मिर्जापुर पर राज करने का है—और यह जंग सिनेमाघरों में गर्माती दिख रही है।
