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2 करोड़ की फिल्म का 100 करोड़ तक का सफर,ओटीटी ने लेने से किया था इंकार

2 करोड़ की फिल्म का 100 करोड़ तक का सफर,ओटीटी ने लेने से किया था इंकार

सिनेमाघरों में इस समय माहौल काफी दिलचस्प हो गया है। एक तरफ 'मिर्जापुर: द मूवी' जैसी बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्म ने बड़े पर्दे पर दस्तक दी है, जिसके नाम पर ही दर्शकों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद थी। लेकिन इसी शोर के बीच एक छोटी सी फिल्म ने बिना किसी बड़े प्रचार के ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि अब बड़े-बड़े ट्रेड पंडित भी हैरान हैं। हम बात कर रहे हैं 'हनुमान अंश' की, जो अब धीरे-धीरे देश के हर कोने में लोगों की जुबान पर चढ़ गई है।

इस फिल्म की शुरुआत बेहद साधारण रही थी। यह बिना किसी ग्लैमरस प्रीमियर और बिना किसी बड़े प्रमोशन के चुपचाप सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुरुआती पंद्रह से बीस दिनों तक तो स्थिति यह थी कि बहुत से दर्शकों को पता भी नहीं था कि इस नाम की कोई फिल्म आई है। पहले दिन की कमाई भी महज कुछ लाख रुपयों तक ही सिमटी रही। किसी ने नहीं सोचा था कि यही फिल्म आने वाले दिनों में करोड़ों का खेल कर जाएगी। लेकिन फिल्म की असली ताकत बनी दर्शकों की सच्ची प्रतिक्रिया। जो भी व्यक्ति इस फिल्म को देखकर बाहर निकला, उसने अपने परिवार और दोस्तों को इसे देखने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर धीरे-धीरे इसकी चर्चा तेज हुई और देखते ही देखते सिनेमाघरों के खाली पड़े शो हाउसफुल होने लगे। लोगों से मिल रहे इसी पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ ने इसकी किस्मत पलट दी और आज यह फिल्म सौ करोड़ के क्लब में शामिल होने की तैयारी में है।

इस सफलता का सबसे खास पहलू इसका बजट है। महज दो करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने उन तमाम बड़ी बजट वाली फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है जो सैकड़ों करोड़ खर्च करने के बाद भी दर्शकों से नहीं जुड़ पाईं। इसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दर्शकों को बांधने के लिए बड़े सितारों से ज्यादा एक सच्ची और दमदार कहानी की जरूरत होती है।

इसी बीच फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक इंटरव्यू में अपने उस दर्द को साझा किया है जब इस फिल्म को एक बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म ने ठुकरा दिया था। विशाल ने बताया कि फिल्म बनने से पहले वह इस कहानी को लेकर एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के दफ्तर में गए थे। वहाँ उन्होंने महाराज जी की कहानी को इतनी गहराई और भावना के साथ सुनाया कि सुनाते-सुनाते उनकी आँखें भर आईं और वह रो पड़े। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी इस भावना को समझा जाएगा, लेकिन वहाँ उन्हें न सिर्फ कहानी के लिए मना किया गया, बल्कि उनके साथ बर्ताव भी काफी अपमानजनक रहा। उस दिन वह निराश होकर लौटे जरूर थे, लेकिन उन्होंने अपनी कहानी पर विश्वास नहीं छोड़ा। आज वही कहानी, जिसे एक बंद कमरे में रिजेक्ट कर दिया गया था, पूरे देश के दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है और बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रही है।