अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने देश में लगातार सामने आ रहे दुष्कर्म और लैंगिक हिंसा के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि समाज में इस तरह की घटनाओं का सामान्य होते जाना सबसे बड़ा खतरा है और इसे राष्ट्रीय आपातकाल की तरह लेने की जरूरत है।
भूमि ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा, "WE HAVE A PROBLEM. रेप और जेंडर बेस्ड वायलेंस हमारे समाज में एक स्वीकृत हकीकत बनता जा रहा है और यह बात हम सभी को डरानी चाहिए। यह आपातकाल की स्थिति क्यों नहीं है?"
उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ 16 साल की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की खबर आती है तो दूसरी तरफ 3 साल की बच्ची के साथ यौन शोषण का मामला सामने आता है। सवाल यह भी है कि कितने मामले ऐसे हैं जो रिपोर्ट ही नहीं होते, जिनकी आवाज सुनी ही नहीं जाती।
भूमि ने कहा कि इस समस्या की जड़ में समाज में गहराई तक बैठी पितृसत्तात्मक सोच है, जिसका सामना करना जरूरी है। यह मुद्दा कपड़ों का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो लड़की की स्कर्ट की लंबाई, न उसके कपड़ों की नेकलाइन और न ही उसके किसी जगह पर होने से इसका कोई संबंध है।
उन्होंने कहा, "हम देखते हैं कि कैसे कम उम्र के लड़के सार्वजनिक रूप से अश्लील इशारे करते हैं, मूर्तियों तक को यौन नजरों से देखते हैं। 12 साल के बच्चे नाबालिग बच्ची के यौन शोषण में शामिल पाए जा रहे हैं। यह उसके कपड़ों के बारे में नहीं है। यह उस विचारधारा के बारे में है जो दूसरे के शरीर पर हक सिखाती है। TEACH OUR BOYS, DON'T CAGE OUR GIRLS."
अभिनेत्री ने जोर दिया कि लड़कियों को कैसे कपड़े पहनने हैं, कहां जाना है, यह सिखाने के बजाय लड़कों को सहमति, सम्मान, समानता, सीमाओं और जवाबदेही का पाठ पढ़ाने की जरूरत है।
भूमि के अनुसार, अपराधियों में कानून का डर खत्म होना भी एक बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि न्याय में सालों लग जाते हैं जबकि पीड़िता पूरी जिंदगी उसका परिणाम भुगतती है। इसके लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध जांच, त्वरित फैसले और कानून के सख्त क्रियान्वयन की मांग उन्होंने की। उन्होंने सरकार और समाज से महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा और सम्मान को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की अपील की।