अभिनेता अरहान खान कहते हैं कि सफलता का असली मायना तभी बनता है जब आप अपनी स्थिति का इस्तेमाल दूसरों की मदद के लिए करें। एमटीवी ‘फनाह’, ‘बढ़ो बहू’, ‘श्रिवल्ली’ और ‘बिग बॉस 13’ जैसे प्रोजेक्ट्स से जाने जाने वाले अरहान खान अपने पिता को अपने व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत मानते हैं। वे बताते हैं कि बचपन से ही वे उनके व्यवहार, जिम्मेदारी के भाव, रिश्तों को निभाने के तरीके और मूल्यों पर डटे रहने की सीख लेते आए हैं। कोविड काल में परिवार के साथ मिलकर आस-पास के लोगों—चाहे वे इंडस्ट्री से हों या बाहर से—की मदद करने के अनुभव ने इस सीख को और गहरा कर दिया। अरहान कहते हैं कि यह अनुभव फिर से याद दिला गया कि आपकी सफलता तभी सार्थक होती है जब आप अपनी स्थिति का उपयोग किसी और की सहायता के लिए करें।
अरहान के लिए मेंटर वह नहीं जो सिर्फ एक्टिंग सिखाए, बल्कि वह जो इंसान को गढ़े। उनके पिता ने उन्हें वही भूमिका निभाई है, जिसका असर सीधे तौर पर उनके अभिनय में झलकता है। वे मानते हैं कि एक बेहतर इंसान बनना ही एक बेहतर कलाकार बनने की नींव है। अरहान कहते हैं कि सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि वे सीखने के लिए और अधिक खुल गए हैं। उनका मानना है कि जितना सीखोगे, उतना कमाओगे—न सिर्फ पेशेवर तौर पर, बल्कि एक इंसान और कलाकार के तौर पर भी। हर किरदार, हर निर्देशक, हर सह-कलाकार और हर सेट उन्हें कुछ नया सिखाता है, जिससे वे अपने आप को बेहतर समझ पाते हैं और प्रयोग करने को तैयार रहते हैं।
अभिनेता के तौर पर विकास के साथ-साथ अरहान उद्यमिता और अन्य व्यावसायिक वेंचर्स में भी सक्रिय हैं, जिससे उन्हें बिजनेस के विभिन्न पहलुओं को समझने का मौका मिला है। वे हाल में दुबई सहित कई प्रोजेक्ट्स की शूटिंग समेट रहे हैं और कहते हैं कि ये सभी अनुभव उन्हें एक कलाकार के तौर पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनका लक्ष्य स्पष्ट है कि वे ऐसा नहीं बनना चाहते जो कहे कि मैंने काफी सीख लिया; वे हर प्रोजेक्ट के साथ सीखते रहना चाहते हैं।
