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पुनः विवादों में समय रैना; मनोज बाजपेयी ने कहा — सम्मान जरूरी

पुनः विवादों में समय रैना; मनोज बाजपेयी ने कहा — सम्मान जरूरी

'इंडियाज गॉट टैलेंट' के हालिया एपिसोड में कॉमेडियन समय रैना और मेहमान पैनलिस्ट शेरोन वर्मा के बीच कही गयी हरकतों ने दर्शकों में बहस छेड़ दी है। मंच पर हल्की-फुल्की चुटकी के दौरान समय ने शेरोन के बारे में टिप्पणी की कि वह "इतनी बिहारी" हैं कि उसे 'इबोला' का मतलब समझने पर है — जिस पर शेरोन ने पलटकर कहा कि समय "इतना कश्मीरी" है कि उसे 'स्टोन' पसंद है। यह मजेदार अंदाज़ कुछ दर्शकों के लिए हँसी बन गया, तो कुछ के लिए आपत्तिजनक बहस का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर विवाद ने रफ़्तार पकड़ी।
इस विवाद पर अभिनेता मनोज बाजपेयी ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर यह सब सचमुच मजाक में कहा गया है तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से आपत्ति नहीं है। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना आना चाहिए लेकिन साथ ही सम्मान भी बने रहना चाहिए। बाजपेयी ने अपनी दिल्ली के दिनों की एक निजी घटना साझा की, जब एक बस चालक ने उन्हें कठोर लहजे में 'बिहारी' कहकर डांटा था। उन्होंने बताया कि उस समय वे शहर के नियमों से अनजान थे और इसलिए उन्हें वास्तव में बुरा नहीं लगा; पर यह भी जोड़कर कहा कि समुदाय-आधारित उपहास तब तक मजाक के दायरे में रह सकता है जब तक वह किसी के लिए घाव न बन जाए।
मनोज ने यह भी रेखांकित किया कि अगर किसी समुदाय का प्रतिनिधि व्यवहारिक रूप से समस्या बन जाए तो मामला अलग है — ऐसे मामलों में आलोचना जायज़ है। उनके अनुसार असली परख उस पारस्परिक सहजता में है जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बिना भीतरी चोट के हंस सकें। उनकी बात ने न सिर्फ शो के हास्य और उसकी सीमा पर बहस को नया आयाम दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर चल रही टिप्पणियों के दौर में मेजबानों और कॉमेडियनों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए।
कार्यक्रम के निर्माताओं ने फिलहाल आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन वायरल क्लिप और दर्शक प्रतिक्रियाओं ने यह दिखा दिया कि मनोरंजन और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखना कितनी चुनौतीपूर्ण सजगता मांगता है। इस घटना ने एक बार फिर विचार जगाया है: कॉमेडी का दायरा क्या होना चाहिए, और कब वह सार्वजनिक मंच पर अपमान की सीमा पार कर जाती है?