मशहूर गीतकार, गायक, अभिनेता और लेखक स्वानंद किरकिरे और लोकप्रिय संगीतकार एवं कंपोज़र शेखर रवजियानी पहली बार एक इंडिपेंडेंट म्यूज़िक प्रोजेक्ट ‘माटी’ के लिए साथ आए हैं। इस छह गानों वाले म्यूज़िकल प्रोजेक्ट का पहला गाना ‘पियरवा’ 28 अगस्त को रिलीज़ होगा।
‘माटी’ एक खूबसूरत और दिल को छू लेने वाला रोमांटिक म्यूज़िकल प्रोजेक्ट है, जिसमें स्वानंद के भावुक और खूबसूरत बोल व आवाज़ और शेखर का संगीत सुनने को मिलेगा। यह प्रोजेक्ट प्यार, यादों और भावनाओं से जुड़ा हुआ है। खास बात यह है कि दोनों कलाकारों ने इस कलेक्शन के हर गाने को एक बारिश की बूंद के रूप में सोचा है। हर गाना एक अलग ‘बूंद’ है और ये सभी बूंदें मिलकर ‘माटी’ बनाती हैं। इस छह गानों की सीरीज़ की पहली ‘बूंद’ यानी ‘पियरवा’ होगी।
‘माटी’ का विचार करीब 12 साल पहले आया था। एक बारिश भरी दोपहर में स्टूडियो में काम खत्म करने के बाद स्वानंद और शेखर एक कॉफी शॉप में बैठे थे। वहां दोनों के बीच कुछ नया, अलग और पारंपरिक तरीके से हटकर संगीत बनाने को लेकर बातचीत हुई। इसी बातचीत के दौरान ‘माटी’ का विचार जन्मा।
समय के साथ ये गाने दोनों कलाकारों के दिल के करीब बने रहे। इन गानों ने धीरे-धीरे अपना रूप बदला और आखिरकार अब एक इंडिपेंडेंट म्यूज़िक प्रोजेक्ट के तौर पर श्रोताओं तक पहुंचने के लिए तैयार हैं। जिस तरह पुरानी वाइन समय के साथ और बेहतर होती जाती है, उसी तरह ‘पियरवा’ भी इन 12 वर्षों में और गहरा और खास बन गया है। इस गाने में उस बारिश भरी दोपहर की यादें भी जुड़ी हुई हैं, जब इसका विचार पहली बार आया था।
इस रोमांटिक गाने में स्वानंद की शायरी और उनकी खास आवाज़ के साथ शेखर का संगीत सुनने को मिलेगा। दोनों कलाकार लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और संगीत की दुनिया में साथ काम कर चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब वे किसी इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट के लिए एक साथ गा रहे हैं। कई सालों से उनके साथ रहा एक विचार अब एक गाने के रूप में श्रोताओं तक पहुंचने के लिए तैयार है।
‘माटी’ के सफर के बारे में बात करते हुए स्वानंद किरकिरे ने कहा, “करीब 12 साल पहले की बात है। शेखर और मैं एक बारिश भरी दोपहर में स्टूडियो का काम खत्म करने के बाद एक कॉफी शॉप में बैठे थे। उस दिन में कुछ खास था- बारिश, हमारी बातचीत और यह एहसास कि शायद हमें कुछ ऐसा बनाना चाहिए जो उस समय हम जो कर रहे थे, उससे बिल्कुल अलग हो। हम अपने लिए कुछ ऐसा बनाने की बात कर रहे थे, जो सिर्फ हम दोनों से निकले और जिस पर किसी तरह की कोई उम्मीद या दबाव न हो। इन्हीं बातों के बीच कहीं ‘पियरवा’ का जन्म हुआ।”
उन्होंने आगे कहा, “इस गाने को मेरे लिए खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि यह करीब 12 साल से हमारे साथ सफर कर रहा है। कुछ गाने ऐसे होते हैं जिन्हें आप लिखते हैं और तुरंत रिलीज़ कर देते हैं, लेकिन कुछ गाने चुपचाप आपके साथ रहते हैं और सही समय का इंतज़ार करते हैं। ‘पियरवा’ भी ऐसा ही एक गाना था। समय के साथ यह बढ़ता रहा, बदलता रहा और और भी खूबसूरत होता गया, बिल्कुल किसी पुरानी वाइन की तरह। आज जब मैं इसे सुनता हूं, तो मुझे उस बारिश भरी दोपहर की कुछ झलक अब भी महसूस होती है, जब शेखर और मैंने पहली बार इसके बारे में सोचा था।”
स्वानंद ने कहा, “शेखर के साथ इस गाने पर काम करना मेरे लिए बहुत खास अनुभव रहा है। हम एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और काफी समय से एक ही म्यूज़िकल स्पेस का हिस्सा रहे हैं, लेकिन यह हमारा पहला इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट है और इसलिए यह मेरे लिए और भी खास है। शेखर अपने संगीत में एक बहुत खूबसूरत संवेदनशीलता लेकर आते हैं और मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं कि आखिरकार हम इस गाने को वह जिंदगी दे पाए, जिसका यह हकदार था।”
उन्होंने आगे कहा, “‘पियरवा’ एक रोमांटिक गाना है, लेकिन मेरे लिए यह समय के बारे में भी है - इस बारे में कि कुछ विचार और भावनाएं कभी खत्म नहीं होतीं। वे बस सही समय का इंतज़ार करती हैं और फिर वापस लौट आती हैं। मैं बहुत खुश हूं कि इतने सालों बाद बारिश भरी दोपहर में कॉफी के साथ जन्मा यह छोटा सा विचार आखिरकार श्रोताओं तक पहुंचने के लिए तैयार है। मुझे उम्मीद है कि इसके शब्द, धुन और भावनाएं लोगों को उसी एहसास में डुबो देंगी, जो इतने सालों से हमारे साथ बना हुआ है।”
‘पियरवा’ के साथ स्वानंद किरकिरे और शेखर रवजियानी 12 साल पुरानी एक खूबसूरत संगीत यात्रा को नया रूप दे रहे हैं। इस गाने में उस समय की भावनाएं भी हैं, जब इसका विचार पहली बार आया था, और एक नई पहचान भी है, जो इसे एक इंडिपेंडेंट सिंगल के रूप में मिली है।
‘माटी’ छह खूबसूरत और भावनात्मक रोमांटिक गानों का कलेक्शन है। शेखर के गरुड़ म्यूज़िक द्वारा रिलीज़ किया जा रहा यह प्रोजेक्ट 28 अगस्त से श्रोताओं के लिए उपलब्ध होगा और दोनों कलाकारों के संगीत सफर में एक बेहद व्यक्तिगत और खास अध्याय की शुरुआत करेगा।