कॉमेडियन सुनील पाल इन दिनों समय रैना को महाराष्ट्र सरकार की ओर से सम्मानित किए जाने पर नाराज़ हैं। उन्होंने इस फैसले को “घोर कलयुग” बताते हुए सवाल उठाया है कि जो व्यक्ति गाली-गलौज और विवादों की वजह से चर्चा में रहा, उसे सम्मान देने से समाज और नए कलाकारों को क्या संदेश जाएगा।
दरअसल, महाराष्ट्र साइबर के एक साइबर-जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समय रैना को सम्मानित किया था। यह सम्मान उन्हें किसी मंचीय प्रस्तुति के लिए नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा अभियान से जुड़े योगदान के लिए दिया गया था। इसी कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट नाम की शॉर्ट फिल्म और महाराष्ट्र साइबर एंथम भी लॉन्च किया गया।
सुनील पाल ने अपने वीडियो में इसी बात पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अगर विवादित और अशोभनीय भाषा इस्तेमाल करने वाले कलाकारों को भी सम्मान मिलने लगे, तो इससे युवाओं में गलत संदेश जाएगा। उनकी नाराज़गी खास तौर पर समय रैना की छवि और पुराने विवादों को लेकर है।
समय रैना पहले इंडियाज़ गॉट लेटेंट विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे थे। इसी वजह से उनकी यह फेलिसिटेशन सोशल मीडिया पर भी बहस का विषय बन गई है। कुछ लोग इसे साइबर जागरूकता अभियान का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग सुनील पाल की आपत्ति से सहमत दिख रहे हैं।
