निदर्शना गोवानी के कार्यक्रम 'रक्षा एक पहचान' में रक्षाबंधन के असली अर्थ पर जोर दिया गया कि यह केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है। यह त्योहार सुरक्षा, देखभाल, भरोसा और एक-दूसरे का साथ देने की भावना सिखाता है। इस मौके पर अभिनेत्री और समाजसेवी सेलिना जेटली मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने कहा कि त्योहार तब सच्चे अर्थ में महत्वपूर्ण होते हैं जब उनके सिखाए हुए मूल्य हमारे रोजमर्रा के जीवन में दिखें और हम एक-दूसरे का ध्यान रखें।
कार्यक्रम में अर्चना नेवरेकर, अनुजा जवेरी, मालती भिंडी जैन, अंजू छाबड़िया, गज़ाला पठान समेत कई लोग मौजूद थे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि छोटी-छोटी मदद, सहानुभूति और समर्थन से समाज अधिक संवेदनशील और समावेशी बन सकता है।
निदर्शना गोवानी ने कहा कि 'रक्षा एक पहचान' का मकसद रक्षाबंधन के त्योहार को केवल पारिवारिक बंधन तक सीमित न रखकर उसे मानवीय जिम्मेदारी के रूप में फैलाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग एक-दूसरे के लिए दया और सम्मान दिखाकर समाज को मजबूत करेंगे। सेलिना जेटली ने भी कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि दया और देखभाल से रिश्ते गहरे बनते हैं और यह पहल लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करेगी। यह कार्यक्रम रक्षाबंधन के पारंपरिक संदेश को व्यापक रूप में लागू करने का सुंदर प्रयास था, जिसमें मानवता, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी पर खास जोर दिया गया।
