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आशा भोसले अंतिम प्लेबैक गानों में शामिल “ऐ मेरी ज़िंदगी” फिल्म “ओम का हरी” में सुनाई देगा

आशा भोसले अंतिम प्लेबैक गानों में शामिल “ऐ मेरी ज़िंदगी” फिल्म “ओम का हरी” में सुनाई देगा

महान गायिका का आखिरी रिकॉर्ड किया गया फिल्मी गाना “ऐ मेरी ज़िंदगी, तू छुपी है कहाँ” उनके जन्मदिन 8 सितंबर को होगा रिलीज़

भारतीय सिनेमा की महान और दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले का आखिरी रिकॉर्ड किया गया फिल्मी गाना “ऐ मेरी ज़िंदगी, तू छुपी है कहाँ” आने वाली ड्रामा-कॉमेडी फिल्म “ओम का हरी” में सुनाई देगा। यह उनका आखिरी प्लेबैक गाना भी हो सकता है।

यह गाना ज़िंदगी को समर्पित एक बेहद खूबसूरत और भावुक गीत है। इसमें ज़िंदगी की खुशियों, प्यार की खूबसूरती और अपनी भावनाओं को समय रहते व्यक्त करने की अहमियत को दिखाया गया है। यह गाना 8 सितंबर, आशा भोसले के जन्मदिन के मौके पर रिलीज़ किया जाएगा। यह महान गायिका और भारतीय संगीत व सिनेमा में उनके शानदार योगदान को समर्पित एक खास श्रद्धांजलि होगी।

हरिश व्यास के निर्देशन में बनी “ओम का हरी” एक पिता और बेटे के रिश्ते पर आधारित ड्रामा-कॉमेडी फिल्म है। फिल्म में अंशुमान झा, रघुबीर यादव, सोनी राजदान और आयशा कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं।

फिल्म की कहानी दो जिद्दी लोगों के बीच पीढ़ियों के अंतर को दिखाती है और एक बेहद पुरानी कहानी यानी पिता और बेटे के बीच के मतभेद को सामने लाती है। यह प्यार, टकराव, परिवार और उन बातों को कहने की हिम्मत की कहानी है, जो अक्सर हमारे दिल में रह जाती हैं।

आशा भोसले की आवाज़ फिल्म को एक बेहद खास और भावनात्मक संगीत से जोड़ती है। इस गाने की रिकॉर्डिंग 2023 के आखिर में हुई थी, जब आशा जी की उम्र 90 साल से ज़्यादा थी। “ऐ मेरी ज़िंदगी, तू छुपी है कहाँ” सिर्फ फिल्म का एक गाना नहीं है, बल्कि यह जिंदगी के बारे में एक खूबसूरत सोच भी है। यह हमें खुशियां तलाशने, प्यार को अपनाने और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने की याद दिलाता है।

फिल्म के निर्देशक हरिश व्यास कहते हैं, “इस गाने को आशा जी के जन्मदिन पर रिलीज़ करना उनके हमेशा याद रहने वाले स्वर, उनकी महान विरासत और उन करोड़ों श्रोताओं के लिए एक जश्न है, जिनकी ज़िंदगी को उनके संगीत ने छुआ है।”

अंशुमन झा कहते हैं, “ओम का हरी मेरे लिए बहुत खास फिल्म है, क्योंकि इसके केंद्र में अपने पिता से ‘आई लव यू’ कहने की अहमियत है, जो मैं खुद कभी नहीं कह पाया। इस फिल्म की भावनाओं और उस खास पल को आशा जी की आवाज़ में सुनना मेरे कलाकार के रूप में जीवन के सबसे गहरे और यादगार अनुभवों में से एक है। उनके साथ स्टूडियो में होना अपने आप में बहुत खुशी और संतोष देने वाला अनुभव था। मेरी बस यही इच्छा है कि वह आज हमारे बीच होतीं और इस पल को हमारे साथ सेलिब्रेट करतीं। लेकिन मुझे पता है कि वह हमेशा हमारे साथ हैं, अपनी आवाज़ में, अपने संगीत में और उन सभी लोगों की ज़िंदगी में, जिन्हें उनका स्वर आज भी छूता है।”

फर्स्ट रे फिल्म्स द्वारा निर्मित “ओम का हरी” का निर्देशन हरिश व्यास ने किया है। इससे पहले वह NFDC की “अंग्रेजी में कहते हैं”, जिसमें संजय मिश्रा, अंशुमन झा और पंकज त्रिपाठी थे, और डिज़नी+ हॉटस्टार की “हम भी अकेले, तुम भी अकेले”, जिसमें अंशुमन झा और ज़रीन खान नजर आए थे, का निर्देशन कर चुके हैं।