मुंबई— बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और निर्माता फरहान अख्तर‑रितेश सिधवानी के बीच चल रहा विवाद नया रूप ले चुका है। रणवीर के पिता जगजीत सिंह भवानी ने मंगलवार को इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के प्रतिनिधियों से भेंट की और अपने पुत्र की ओर से पक्ष रखते हुए विवाद से संबंधित दस्तावेज सौंपे। यह कदम उन दावों को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है जिनमें फरहान अख्तर ने रणवीर से 45 करोड़ रुपये हर्जाने की माँग की थी।
IMPPA की कानूनी टीम अब मिले हुए कागजात की समीक्षा करेगी और मामले के आगे के औपचारिक कदम तय करेगी। इससे पहले एक्सेल एंटरटेनमेंट के फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने आईएमपीपीए में शिकायत दर्ज कराई थी और डॉन‑3 से जुड़े अनुबंध, मैसेज और अन्य दस्तावेज संस्था के समक्ष पेश किए थे। उन दस्तावेजों में रणवीर सिंह का साइन किया हुआ कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल बताया गया था।
डॉन‑3 की घोषणा अगस्त 2023 में की गई थी और उस समय रणवीर सिंह को फिल्म का मुख्य चेहरा बताया गया था। बाद में रणवीर ने अचानक फिल्म छोड़ने का निर्णय लिया, जबकि निर्माताओं का दावा है कि फिल्म का पहला शूटिंग शेड्यूल शुरू होने वाला था और तैयारियाँ व्यापक स्तर पर हो चुकी थीं। निर्माताओं ने इस बदलाव के कारण हुए नुकसान के बदले 45 करोड़ रुपये के हर्जाने की माँग उठाई थी।
मामला गरमाया तो एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इसे फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के समक्ष भी रखा। कुछ समय के लिए FWICE ने रणवीर के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात कही थी, किन्तु बाद में FWICE, IMPPA, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और CINTAA के बीच हुई बातचीत के बाद वह निर्णय वापस ले लिया गया था।
जब तक आईएमपीपीए की लीगल टीम समीक्षा पूरी नहीं कर लेती, तब तक मामले के कानूनी परिणाम और संभावित समाधान का कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवादों में पहले मध्यस्थता और समझौते की कोशिश की जाती है; यदि समाधान न निकले तो मामला सिविल दायरियों और अनुबंध उल्लंघन से जुड़ी कार्रवाई तक जा सकता है।
