नितेश तिवारी निर्देशित चार मिनट दस सेकंड के ट्रेलर ने सुबह 4:15 पर जारी होते ही दर्शकों में हलचल मचा दी है रणबीर कपूर के शांत, ओजस्वी राम और यश के रौद्र रावण के दृश्यों ने सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा छेड़ दी है ट्रेलर में रावण की त्रिलोक विजय तथा उसके अत्याचार का भयानक चित्रण है जिसके विरुद्ध प्रभु राम का जन्म होता है रणबीर के धनुर्विद्या और आदर्श पुरुषत्व का प्रभावशाली प्रदर्शन दिखता है साथ ही साईं पल्लवी की सादगी भरी सीता-छवि विवाह और १४ वर्षों के वनवास के भावुक दृश्य दर्शाती है वनवास के दौरान शूर्पणखा की घटना और रावण द्वारा छलपूर्वक सीता हरण की झलक से कहानी में तीव्रता आती है और राम के लंका आगमन तथा महायुद्ध की तैयारी का भव्य भाव ट्रेलर में झलकता है रवि दुबे के पराक्रमी लक्ष्मण अरुण गोविल के संवेदनशील दशरथ और रकुल प्रीत सिंह के डार्क अवतार ने भी प्रभावित किया है बैकग्राउंड म्यूजिक और वीएफएक्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया जा रहा है फिल्म दो भागों में आएगी पहला भाग इस दिवाली पर जबकि दूसरा अगले साल दिवाली पर दस्तक देगा ट्रेलर ने तकनीकी रूप से भी दर्शकों का ध्यान खींचा है कास्टिंग के साथ-साथ सेट डेकोर, कॉस्ट्यूम और युद्ध दृश्यों की रूपरेखा को भी खूब सराहा जा रहा है सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रशंसक और आलोचक दोनों ने क्लासिक कहानी की आधुनिक प्रस्तुति पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है और कई लोग इसे भारतीय सिनेमाई इतिहास का नया आयाम कहने लगे हैं
ट्रेलर में अन्य महत्वपूर्ण किरदारों के अवतारों को भी खास जगह मिली है जिसमें मंदोदरी, विभीषण और सुग्रीव के चरित्रों की छोटी पर प्रभावी झलक दिखाई देती है मंदोदरी की करुणा और राजसी गरिमा ने कहानी के भावनात्मक पहलू को मजबूती दी है तो विभीषण की पैनी सूझ और नैतिक दृढ़ता ने राम के साथ उनके गठबंधन का संकेत दिया है सुग्रीव के वीर और हास्य-समेत पहलू ने लंका युद्ध की रणनीति और मनोविज्ञान का पूर्वाभास कराया है इन छोटे-छोटे किरदारों से कथा का परिदृश्य विस्तृत होता दिखता है और दर्शकों को आगामी बड़े रूपान्तरणों की उत्सुकता और भी बढ़ जाती है.
