हॉलीवुड अभिनेता जॉन क्यूसैक ने गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे छात्र प्रदर्शन का समर्थन किया। 'सेरेंडिपिटी', 'हाई फिडेलिटी' और 'कॉन एयर' जैसी फिल्मों से मशहूर क्यूसैक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारतीय छात्रों के विरोध पर अपनी सहानुभूति जताई। कुसैक के समर्थन से पहले से ही चर्चा में रहे इस प्रदर्शन को वैश्विक ध्यान मिला है। प्रदर्शन विश्वविद्यालयों में आयोजित नीट परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ और प्रतियोगी छात्रों की निष्पक्षता की मांग के रूप में शुरू हुआ था, परंतु प्रमुख हस्तियों के जुड़ने से यह राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस का केंद्र बन गया है।
क्यूसैक के पोस्ट पर सोशल मीडिया पर तीखे और मिश्रित रिएक्शन आए। कुछ यूजर्स ने उनके समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि वैश्विक हस्तियों का मानवाधिकार और शिक्षा के मुद्दों पर आवाज उठाना सकारात्मक है। वहीं आलोचकों ने सवाल उठाए कि विदेशी हस्तियों को भारत के आंतरिक विवादों पर टिप्पणी करने का क्या अधिकार है। एक टिप्पणी में कहा गया कि कुसैक को अपने देश के नेताओं की परिस्थितियों पर ध्यान देना चाहिए, जबकि दूसरे ने उनकी नाराजगी को भारत विरोधी रुख से जोड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का समर्थन स्थानीय आंदोलनों को दृश्यता देता है, परन्तु साथ ही यह बहस भी तेज कर सकता है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने फिलहाल जॉन क्यूसैक के बयान पर धन्यवाद दिया और प्रदर्शन की मांगों पर फोकस बनाए रखने की बात कही है। सोशल मीडिया पर जारी बहस से यह स्पष्ट है कि विदेशी हस्तियों के हस्तक्षेप ने भारतीय सार्वजनिक विमर्श में एक नया आयाम जोड़ दिया है।
