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सुंदरता मेकअप नहीं, अंदर की एनर्जी है: परख मदान

सुंदरता मेकअप नहीं, अंदर की एनर्जी है: परख मदान

टीवी इंडस्ट्री में जहाँ खूबसूरती को अक्सर परफेक्ट स्किन से जोड़कर देखा जाता है, वहीं 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' की अभिनेत्री परख मदान की सोच बिल्कुल अलग है। उनका मानना है कि सच्ची सुंदरता बाहरी चमक नहीं, बल्कि अंदरूनी सेहत का प्रतिबिंब है।

एक बातचीत में परख ने कहा, "हमारी वैल्यू हमारी हेल्थ, हमारी एनर्जी और हमारी ऑथेंटिसिटी में है, किसी फ्लॉलेस स्क्रीन इल्यूजन में नहीं।"

मानसून में स्किन केयर पर बात करते हुए परख ने बताया कि इस मौसम में सबसे बड़ी चुनौती स्किन को बिना चिपचिपा किए हाइड्रेट रखना है। उन्होंने कहा, "हाई ह्यूमिडिटी स्किन को सफोकेट कर देती है, जिससे वो पीली और ऑयली लगने लगती है। इससे बचने के लिए मैं हयालूरोनिक एसिड वाला वाटर-बेस्ड मॉइस्चराइजर और मैटिफाइंग सनस्क्रीन यूज करती हूं।"

परख के अनुसार हेल्दी स्किन की शुरुआत अंदर से होती है। "हाइड्रेशन ही हेल्दी स्किन की कुंजी है। मैं दिनभर पर्याप्त पानी पीती हूं और घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना कभी नहीं भूलती," उन्होंने कहा।

अपने स्किन केयर रूटीन में परख मॉडर्न साइंस और पारंपरिक नुस्खों के बीच संतुलन बनाकर चलती हैं। "प्रोफेशनल प्रोडक्ट्स टारगेटेड साइंस देते हैं, जबकि घरेलू नुस्खे जेंटल और आजमाई हुई नरिशमेंट," उन्होंने बताया। लंबे शूट के बाद वो डबल क्लींजिंग, टोनर और जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर को जरूरी मानती हैं। हफ्ते में एक बार वो दही, शहद और हल्दी से बना होममेड फेस पैक लगाती हैं।

सुंदरता की परिभाषा पर परख ने कहा, "खूबसूरती वाइब्रेंट इनर हेल्थ का रिफ्लेक्शन है। जब आपका शरीर पोषित होता है, मन शांत होता है, तो एक नेचुरल रेडिएंस आती है जिसे कोई मेकअप दोहरा नहीं सकता। ये एक एनर्जी है जो आप प्रोजेक्ट करते हैं।"

उन्होंने सोशल मीडिया फिल्टर्स पर चिंता जताते हुए युवाओं को आगाह किया। "जब आप एक स्वाइप में हर पोर्स मिटा देते हैं, तो आप सिर्फ तस्वीर नहीं, हकीकत से अपना रिश्ता बिगाड़ रहे होते हैं। किसी एल्गोरिदम को, जो आपको असुरक्षित रखकर जोड़े रखना चाहता है, अपनी कीमत तय मत करने दीजिए।"