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रियल एस्टेट के ‘सुपरस्टार’: फिल्मी सितारे बने स्मार्ट इन्वेस्टर

रियल एस्टेट के ‘सुपरस्टार’: फिल्मी सितारे बने स्मार्ट इन्वेस्टर

फिल्मी सितारों का रियल एस्टेट में निवेश अब सिर्फ़ दिखावे की होड़ नहीं, बल्कि उनकी कमाई की गंभीर आर्थिक रणनीति बन चुका है। बच्चन, रोशन, देओल और कुछ अन्य स्टार परिवारों ने मुंबई से लेकर अयोध्या तक जिस स्तर पर प्रॉपर्टी खरीदी है, वह बताता है कि ग्लैमर की दुनिया की असली संपत्ति अब सिर्फ़ फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट्स में नहीं, बल्कि जमीन, फ्लैट, बंगले और कमर्शियल टॉवरों में छुपी है। इन सितारों ने अपनी फीस और एंडोर्समेंट से आए करोड़ों को ऐसे रियल एस्टेट एसेट्स में बदला है, जो आने वाले दशकों तक उनकी आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ बने रहेंगे।
अमिताभ बच्चन को रियल एस्टेट का ‘शहंशाह’ कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अकेले ही कमर्शियल ऑफिस, हाई–एंड अपार्टमेंट्स और चुनी हुई जमीनों में लगभग 200 करोड़ रुपये के आसपास निवेश किया है। मुंबई के ओशिवारा इलाके में खरीदा गया उनका एक लग्ज़री अपार्टमेंट खास चर्चा में रहा, जिसे उन्होंने करीब 31 करोड़ में लिया और कुछ समय बाद लगभग 83 करोड़ में बेच दिया—इस एक सौदे ने ही दिखा दिया कि वे प्रॉपर्टी मार्केट की नब्ज़ भी उतनी ही अच्छी तरह समझते हैं जितनी बॉक्स ऑफिस की। अंधेरी वेस्ट के ओशिवारा क्षेत्र में एक कमर्शियल टॉवर में उन्होंने तीन फ्लोर के ऑफिस स्पेस लिए हैं, जिनका कारपेट एरिया 8,000 से ज़्यादा वर्गफुट है और कुल निवेश करीब 60 करोड़ के आसपास बैठता है। इसी ज़ोन की एक अन्य बिल्डिंग में उनके नाम पर पहले से चार ऑफिस यूनिट्स मौजूद हैं, जो मिलकर मुंबई के कमर्शियल हब में उनके मज़बूत पोर्टफोलियो की तस्वीर बनाते हैं।
रेसिडेंशियल सेगमेंट में भी बच्चन परिवार ने सुविचारित तरीके से कदम बढ़ाए हैं। बोरीवली में इनक्लाइन रियल्टी की परियोजना में अमिताभ ने लगभग 15.5 करोड़ की लागत से छह अपार्टमेंट खरीदे हैं, जिन्हें वे किराये और दीर्घकालिक निवेश दोनों नजरिये से होल्ड कर रहे हैं। मुलुंड वेस्ट के ओबेरॉय रियल्टी के प्रीमियम प्रोजेक्ट ‘इटरनिया’ में परिवार ने मिलकर दस फ्लैट्स लिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 25 करोड़ के आसपास आती है—इसमें चार फ्लैट अमिताभ के नाम पर हैं और छह फ्लैट अभिषेक के नाम पर। इस फैलाव से साफ दिखता है कि उन्होंने मुंबई के अलग–अलग इलाकों में अपना रियल एस्टेट नेटवर्क बारीकी से तैयार किया है।
मुंबई के बाहर उनकी अयोध्या वाली खरीद कहानी को एक अलग आयाम देती है। राम मंदिर वाले शहर में उन्होंने हाल में लगभग 2.67 एकड़ जमीन करीब 35 करोड़ रुपये में खरीदी है। यह निवेश धार्मिक भावनाओं और व्यावसायिक दूरदर्शिता दोनों से जुड़ा है—एक तरफ यह उनके व्यक्तिगत आस्था का विस्तार है, दूसरी तरफ भविष्य में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं, जैसे होटल, रिसॉर्ट या हाई–एंड होमस्टे, के लिए मजबूत आधार भी बन सकता है। इस तरह, मुंबई से अयोध्या तक फैला बच्चन परिवार का रियल एस्टेट नेटवर्क फिल्मों से बाहर उनकी आर्थिक ताकत की एक अलग और ठोस तस्वीर पेश करता है।
बच्चन परिवार के साथ–साथ ऋतिक रोशन और उनके पिता राकेश रोशन ने भी कमर्शियल प्रॉपर्टी में बड़े दांव लगाए हैं। उनकी कंपनी ‘फिल्मक्राफ्ट प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ ने लोअर परेल के बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट में स्थित ‘मैराथन फ्यूचरेक्स’ बिल्डिंग में करीब 10,000 स्क्वायर फुट कारपेट एरिया वाला ऑफिस ब्लॉक लगभग 33 करोड़ रुपये में खरीदा है। यह इलाका मुंबई का उभरता हुआ कॉरपोरेट केंद्र है, जहाँ बड़ी कंपनियाँ अपने मुख्यालय बना रही हैं; ऐसे में यहाँ किया गया निवेश उनके फिल्म प्रोडक्शन और अन्य बिज़नेस के लिए रणनीतिक आधार तैयार करता है। इसके बाद 2025 में ऋतिक ने अंधेरी वेस्ट और जुहू के बीच स्थित प्रीमियम कमर्शियल प्रोजेक्ट ‘यूरा बिज़नेस पार्क’ में अपनी फैमिली के साथ मिलकर 10 ऑफिस यूनिट्स खरीदे, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 करोड़ के आसपास है। पाँच यूनिट्स उनकी और राकेश रोशन की कंपनी एचआरएक्स डिजिटेक एलएलपी के नाम पर हैं, जबकि पाँच यूनिट्स उनकी मां प्रमिला रोशन की कंपनी ‘फिल्मकुंज (बॉम्बे) प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर, यानी संपत्ति और कंपनियों की संरचना दोनों स्तर पर सूझ–बूझ दिखती है।
रोशन परिवार की तरह ही हाल के महीनों में बॉबी देओल और उनकी पत्नी तान्या देओल भी रियल एस्टेट में सक्रिय नज़र आए हैं। सीआरई मैट्रिक्स के आधार पर उनकी कंपनी ‘ग्रीनस्टोन इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने अंधेरी वेस्ट की एक निर्माणाधीन कमर्शियल बिल्डिंग में पाँच ऑफिस यूनिट्स खरीदी हैं, जिन पर कुल मिलाकर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह वही बिल्डिंग है जिसमें ऋतिक रोशन के परिवार ने पहले ही दस ऑफिस स्पेस ले रखे हैं, यानी एक ही प्रोजेक्ट में दो बड़े फिल्मी परिवार अपने–अपने कॉरपोरेट और निवेश प्लान के साथ मौजूद हैं। बिल्डिंग पूरी होने के बाद ये यूनिट्स या तो उनकी अपनी कंपनियों के दफ्तर बनेंगे, या ऊँचे किराये पर कॉरपोरेट्स को लीज़ पर देकर नियमित आय का ज़रिया।
कमर्शियल के साथ–साथ रेसिडेंशियल रियल एस्टेट भी इन सितारों की प्राथमिकता में है। मुलुंड और बोरीवली के लग्ज़री अपार्टमेंट हों या बांद्रा, गोरेगांव और लोअर परेल के हाई–एंड फ्लैट और ऑफिस, कई स्टार इन्हें तीन–पाँच साल के लिए किराये पर देकर हर महीने लाखों रुपये की पैसिव इनकम बना चुके हैं। फिल्मों और ब्रांड एंडोर्समेंट की दुनिया जितनी चकाचौंध भरी है, उतनी ही अनिश्चित भी; ऐसे में प्रॉपर्टी से आने वाली स्थिर आय उन्हें उस समय भी सहारा देती है, जब किसी साल कम फिल्में हों या फीस में उतार–चढ़ाव आए।
कुल मिलाकर तस्वीर यही है कि बॉलीवुड के बड़े सितारे अब अपनी आर्थिक योजना को सिर्फ़ अगली हिट फिल्म या अगले विज्ञापन कॉन्ट्रैक्ट पर नहीं छोड़ रहे। वे कमर्शियल टॉवर्स, लग्ज़री अपार्टमेंट्स, चुनिंदा जमीनों और धर्म–पर्यटन शहरों की प्रॉपर्टी में मिलकर सैकड़ों करोड़ रुपये लगा कर ऐसा पोर्टफोलियो बना रहे हैं, जो आने वाले दशकों तक उनके परिवारों को स्थिरता और सुरक्षा दे सके। बच्चन परिवार के 150–200 करोड़ के आसपास के इन्वेस्टमेंट, रोशन परिवार के लगभग 60 करोड़ के कमर्शियल सौदे और देओल फैमिली के 15 करोड़ की नई बिल्डिंग—ये सब उदाहरण मिलकर बताते हैं कि फिल्मी सितारों के लिए रियल एस्टेट अब साइड बिज़नेस नहीं, बल्कि उनकी मुख्य धन–संपत्ति का केंद्र बनता जा रहा है।