बॉलीवुड में अक्सर एक्टर के बेटे एक्टर बनने का ही सपना देखा करते हैं लेकिन इस मामले में आर माधवन के बेटे काफी अलग हैं। माधवन के बेटे वेदांत की दुनिया फिल्मों से काफी दूर है। आर. माधवन ने हाल ही में कहा कि उनके बेटे वेदांत और आज की युवा पीढ़ी का भारतीय फिल्मों से जुड़ाव लगातार कम होता जा रहा है।
एक इंटरव्यू में माधवन ने कहा कि भारतीय सिनेमा के सामने यह बड़ी चुनौती बन गई है। उनका मानना है कि युवा दर्शक किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री की वजह से नहीं, बल्कि अलग तरह की कहानी और कंटेंट की दुनिया की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे एक डर सताता है जिसके बारे में मैं सोचना भी नहीं चाहता। बेशक, अब तक मुझे उससे रिस्पेक्ट मिला है। अब वे 20 साल के हैं लेकिन अगर आप मेरी युवा पीढ़ी को देखें, तो वे उनसे पूरी तरह से कटे हुए हैं।'
उन्होंने कहा, 'एक छह साल का लड़का मेरे पास आता है और मैं सोच रहा होता हूं कि उसके लिए फिल्म कैसे बनाऊं। वह कोई फिल्म देखेगा और फिर मुझसे कहेगा- आपने अच्छा काम किया है।’ उन्होंने कहा, 'उस समय चिंता बेटे का सम्मान हासिल करने की थी। अब चिंता अलग है।'