हिमांशु राज़
पंजाबी अभिनेता-सिंगर दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म "सतलुज" ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से मात्र दो दिन में हट जाने से मीडिया और दर्शकों में कड़वी चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। यह फिल्म पहले "पंजाब 95" के नाम से जानी जाती थी और कथित तौर पर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन तथा पंजाब से जुड़े संवेदनशील खुलासों पर आधारित बताई जा रही है। इसी वजह से यह वर्षों से विवादों में रही, सेंसर बोर्ड ने कई कट्स की मांग की और फिल्म को थिएटर रिलीज़ के रास्ते पर बाधाओं का सामना करना पड़ा।
कुछ दिन पहले फिल्म को अचानक जी5 पर देखा गया, पर दो दिन बाद उसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। जी5 या संबंधित अधिकारियों की ओर से हटाने का ठोस कारण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। बीती रात दिलजीत ने इंस्टाग्राम लाइव में फैंस के सवालों का जवाब देते हुए इस अनिश्चितता का इशारा किया और कहा कि वे कारणों से अनजान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चिंता अब खत्म है क्योंकि दर्शकों ने फिल्म डाउनलोड कर ली है और एक बार सार्वजनिक हुई सामग्री को पूरी तरह हटाना मुश्किल होता है।
हटाए जाने के बाद दिलजीत ने फिल्म के एक सीन का क्लिप अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें वे कहते दिख रहे हैं कि वे अंधेरे को चुनौती देंगे—यह क्लिप उनके रुख और फिल्म के संदेश का प्रतीक बन गया है। फिलहाल मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार है; मीडिया और विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि सेंसरशिप, कानूनी दिक्कतें या प्लेटफॉर्म की नीतियाँ कारण हो सकती हैं। फिल्मों और संवेदनशील विषयों पर चल रही यह बहस सार्वजनिक विमर्श को नया मोड़ दे रही है।