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भाग्यश्री और बनारस: बाबा के दर्शन से गलियों की रूह तक

05 Jul 2026
भाग्यश्री और बनारस: बाबा के दर्शन से गलियों की रूह तक

हिमांशु राज़-

फिल्म "मैंने प्यार किया" की चुलबुली हीरोइन भाग्यश्री बनारस पहुंचीं, और शहर की पावन व जीवंत आत्मा ने उन्हें तुरंत ही अपनी ओर खींच लिया। उनके साथ पति हिमालय भी थे, जिन्होंने इस यात्रा में उनके हर अनुभव को साझा किया और साथ चलने का सुख जोड़ा। सबसे पहले वह बाबा विश्वनाथ के दर्शन को पहुंचीं; भीड़-भरी पर श्रद्धा से भरे मन्दिर ने उनके चेहरे पर एक शांत नूर छोड़ दिया। वहां का माहौल और श्रद्धालुओं की निष्ठा ने उनका मन मोह लिया।
रात में दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होकर उन्होंने कहा, "काशी बार-बार आने का मन करता है।" आरती के दीप, मंत्रों की गूँज और गंगा पर तैरते जल-दीपों का नज़ारा उनके लिए गहरे भावनात्मक अनुभव से कम नहीं था। नाव से आरती का निकट-दृश्य देखना उन्होंने खास तौर पर यादगार बताया, और हिमालय ने भी घाट की उस मौन-भरी गरिमा पर अपनी प्रशंसा व्यक्त की।
खाने-पीने की बात पर बनारस ने दोनों को पूरी तरह प्रभावित किया। भाग्यश्री ने बनारसी चाट को "भयंकर" यानी बेहद स्वादिष्ट बताया। साथ ही उन्होंने पहलवान की लस्सी की ठंडक और बनारसी पान की विशेष खुशबू की भी सराहना की। छोटी-छोटी गलियों की दुकानों पर बिकने वाले स्थानीय स्वाद, चाय के ठेले और मिठाइयों की रौनक ने उनकी यात्रा में एक घरेलू और जीवंत रंग जोड़ दिया।
भाग्यश्री ने कहा कि बनारस सिर्फ एक शहर नहीं, अनुभव है — मंदिरों की भव्यता, घाटों की शांति, गलियों की जिन्दादिली और खाने-पीने की लज़ीज़ियत मिलकर इसे अलग बनाती हैं। हिमालय ने भी आशा जताई कि यह शहर अपनी पारम्परिक शान और जीवंतता को बनाए रखे। दोनों ने कामना व्यक्त की कि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस संस्कृति को महसूस कर सकें।
बनारस की यह मुलाक़ात, भाग्यश्री व हिमालय के लिए श्रद्धा, सौंदर्य और सादगी का संगम थी — एक ऐसा सफर जिसे वे बार-बार जीने की इच्छा रखेंगी।