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सुरों की बदलती छवि: मोनाली ठाकुर

सुरों की बदलती छवि: मोनाली ठाकुर

हिमांशु राज

मोनाली ठाकुर ने लगातार यह साबित किया है कि वे केवल एक तरह के गाने गा कर सीमित नहीं रहतीं। उनकी आवाज़ में नटखटपन, कोमलता, आधुनिकता और भावुकता का ऐसा मिश्रण मिलता है जो हर गीत को अपनी पहचान देता है। पहला गीत आग बाई में उनकी चुलबुली आवाज़ और तीव्र लय ने इसे समारोहों और मेलों का स्थायी हिस्सा बना दिया है। दूसरा गीत जरा जरा टच मी में उनकी मधुर और मोहक अभिव्यक्ति ने गाने को आकर्षक और यादगार बना दिया। तीसरा गीत ख्वाब देखे यानी सेक्सी लेडी में स्वर की सुगठित बनावट और आधुनिक प्रस्तुति ने इसे शीघ्र ही लोकप्रिय बना दिया और संगीत सूची में इसकी उपस्थिति लंबे समय तक बनी रही। चौथा गीत चम चम में उनकी मासूमियत भरी सहजता सुनने वालों के मन को भिगो देती है और यह गीत विशेषकर वर्षा के मौसम और शादी‑समारोहों में खूब पसंद किया जाता है। पाँचवाँ गीत हाँ के हाँ उनकी भावनात्मक गहराई का परिचायक है जिसमें विरह और अपेक्षा के स्वर स्पष्ट रूप से महसूस होते हैं और यह गीत शांत समयों में आत्मा को तरोताजा कर देता है। कुल मिलाकर मोनाली ठाकुर की शक्ति उनकी बहुमुखी प्रतिभा है; वे हर शैली में सहजता से समा जाती हैं और श्रोताओं के मन में स्थायी छाप छोड़ती हैं।