91255 06666   |   Registration   |   Login

“मैं खुद पर भरोसा करना सीख रही हूँ” – नेहा हरसोरा

“मैं खुद पर भरोसा करना सीख रही हूँ” – नेहा हरसोरा

मनोरंजन जगत में अपनी जगह बनाना केवल दिखने या सही लोगों से मिलने का नाम नहीं है। अभिनेत्री नेहा हरसोरा का मानना है कि व्यक्तित्व, पेशेवरता, अनुशासन और सच्चे रिश्तों का निर्माण ही एक टिकाऊ करियर की नींव बनाते हैं। वे कहती हैं, “आपका व्यक्तित्व निश्चित रूप से मायने रखता है, क्योंकि लोग याद रखते हैं कि आप कैसे व्यवहार करते हैं और उन्हें कैसा महसूस कराते हैं। पेशेवर, सम्मानजनक और काम करने में सहज होना बेहद जरूरी है।”
नेहा स्वीकार करती हैं कि सामाजिक मेलजोल से कलाकारों को लोगों से मिलने और व्यावसायिक संबंध बनाने में मदद मिल सकती है, लेकिन वे करियर के अवसरों के लिए जबरन रिश्ते बनाने में विश्वास नहीं रखतीं। उनका कहना है, “मुझे नहीं लगता कि काम पाने के लिए खुद को जबरन सामाजिक बनाना चाहिए। मेरे लिए आपका किया काम, अनुशासन और रास्ते में स्वाभाविक रूप से बने रिश्ते अधिक महत्वपूर्ण हैं।”
वे लगातार खुद पर काम करने में यकीन रखती हैं। अपने व्यक्तित्व में बदलाव की बात करते हुए वे कहती हैं कि वे अधिक सोचने की आदत को बदलना चाहती हैं। “कभी-कभी हम इतना समय इस बात में लगा देते हैं कि हमने कुछ सही किया या नहीं, या क्या अलग किया जा सकता था। मैं खुद पर भरोसा करना सीख रही हूँ और खुद को बहुत सख्ती से नहीं आंकना चाहती,” वे कहती हैं।
पेशेवर रूप से नेहा अपनी अभिनय क्षमता के विभिन्न पहलुओं को तलाशना जारी रखना चाहती हैं। उनका कहना है, “मैं प्रयोग करती रहना चाहती हूँ, अभिनेत्री के रूप में जोखिम लेना चाहती हूँ और जो मुझे पहले से पता है, उसमें सहज होकर नहीं रहना चाहती।”
सोशल मीडिया के बारे में नेहा मानती हैं कि आज यह कलाकारों के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इससे वे सीधे दर्शकों से जुड़ सकते हैं और लोग उनके किरदारों से परे उनके व्यक्तित्व को भी देख पाते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि ऑनलाइन मौजूदगी कलाकार के काम के पूरक के रूप में होनी चाहिए, उसका विकल्प नहीं। “अंत में अभिनेता को अभिनय करना ही होता है। सोशल मीडिया जुड़े रहने और दिखने में मदद कर सकता है, लेकिन प्रतिभा, निरंतरता और अच्छा काम ही लंबे समय तक आपको टिकाएगा,” वे कहती हैं।
नेहा के लिए ऑनलाइन अपने आप को प्रस्तुत करते समय प्रामाणिकता भी उतनी ही अहम है। वे कहती हैं, “मैं लोगों के देखने की वजह से अपना पूरी तरह अलग रूप नहीं बनाना चाहती। जिंदगी के कुछ पहलू निजी रहने चाहिए, लेकिन जो भी मैं साझा करूँ, वह मेरे व्यक्तित्व के अनुरूप और सच्चा महसूस होना चाहिए।”