मोहन कपूर का धुरंधर 2 पर तीखा प्रहार: 'कामयाबी का रहस्य क्या?'

14 मई 2026
मोहन कपूर का धुरंधर 2 पर तीखा प्रहार: 'कामयाबी का रहस्य क्या?'

हिमांशु राज़ 

बॉलीवुड में इन दिनों 'धुरंधर 2' की धूम मची हुई है। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी यह एक्शन-थ्रिलर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। पहले हफ्ते में ही 150 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली, लेकिन क्या यह वास्तविक सफलता है? वरिष्ठ अभिनेता मोहन कपूर ने इस 'कामयाबी' पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने लिखा, 'समझ नहीं आता, हर कोई तारीफ क्यों कर रहा? क्या यही सिनेमा का स्तर गिर गया?'
मोहन कपूर, जो 70 के दशक से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं, ने फिल्म की स्क्रिप्ट, डायलॉग्स और निर्माण गुणवत्ता पर निशाना साधा। उनका कहना है कि भारी प्रचार, स्टार कास्ट और मसाला एक्शन के बल पर फिल्म चली है, न कि कंटेंट के दम पर। 'पहली धुरंधर ने कुछ हद तक दम दिखाया था, लेकिन इसका सीक्वल बस फॉर्मूला कॉपी-पेस्ट लगता है। दर्शक भावनाओं का शोषण कर रहे हैं निर्माता,' उन्होंने कहा। कपूर ने पुरानी फिल्मों जैसे 'शोले' या 'देवआसुरा' का जिक्र कर तुलना की, जहां कला और व्यावसायिकता का संतुलन था।
फिल्म समीक्षकों की राय भी दो हिस्सों में बंटी है। कुछ इसे 'मास एंटरटेनर' बता रहे हैं, तो कई कह रहे हैं कि यह ओटीटी युग की देन है- तेज रफ्तार, लेकिन खोखला। ट्रेड एनालिस्ट कमल जैन के मुताबिक, फिल्म ने छोटे शहरों में अच्छा चला, लेकिन मेट्रो में रिव्यूज औसाहारिक हैं। सोशल मीडिया पर #Dhurandhar2Success ट्रेंड कर रहा है, मगर कपूर जैसे दिग्गजों के सवाल ने बहस छेड़ दी है।
कपूर का बयान बॉलीवुड के लिए आईना है। क्या सिनेमा अब सिर्फ कमाई का जरिया बन गया? या दर्शक परिपक्व हो रहे हैं? यह विवाद इंडस्ट्री को सोचने पर मजबूर कर रहा है। कुल मिलाकर, 'धुरंधर 2' की चमक पीछे छिपे सवाल ज्यादा गहरे हैं।