अपनी वैल्यू पर किसी की रिजेक्शन थोपें नहीं : श्रुति घोलप

12 मई 2026
अपनी वैल्यू पर किसी की रिजेक्शन थोपें नहीं : श्रुति घोलप

'जमाई नंबर 1' में नजर आईं श्रुति घोलप अब प्रतीक शर्मा और पार्थ शाह के प्रोडक्शन स्टूडियो एलएसडी के नए शो 'ओह हमनवा—तुम देना साथ मेरा' में मालती बनी हैं। वे कहती हैं कि अस्वीकृति को पचाना आसान नहीं होता। लोग अक्सर 'नो' को अपनी काबिलियत पर सवाल मान लेते हैं, जो सच्चाई से कोसों दूर है। "किसी की रिजेक्शन को खुद पर थोपें नहीं," श्रुति कहती हैं। "वे अपना कारण बता रहे होते हैं, आपकी वैल्यू को नकार नहीं रहे। आपकी बेचैनी उसे बड़ा बना देती है। यह सब कहना आसान है, लेकिन हर बार अमल में लाना चुनौतीपूर्ण।" शुरुआत में अनगिनत ऑडिशन रिजेक्ट होने पर वे टूट जाती थीं। थिएटर से सीरियल्स की ओर बढ़ते हुए बिना जवाब के रिजेक्शन ने उन्हें तोड़ा। "मैं सोचती, मुझमें ही कमी है? लेकिन बाद में समझा—सही फिट और टाइमिंग का सवाल था।"
उन्होंने एकता कपूर को फेसबुक पर मैसेज तक किया था। मुंबई के 17 सालों में उतार-चढ़ाव देखे। पिता के निधन के बाद मां के साथ बिना सपोर्ट सिस्टम के सब कुछ खुद किया। "गलतियों से सीखा। आज संघर्ष खत्म, काम पर फोकस।" अभिनय पर वे कहती हैं, "2014-15 तक लगता था, मैं सिर्फ दिखा रही हूं। सच्चा अभिनय प्रोसेस से आता है। दूध खुद नहीं बताता कि उसमें क्रीम या दही बनने की क्षमता है—प्रोसेस जरूरी। टीवी में अच्छे-बुरे अभिनय का फर्क मिट गया।उनकी उभरते कलाकारों को सलाह है,"पैसे, इंस्टाग्राम लाइक्स या शोहरत के पीछे न भागें। पहले अभिनय सीखें, बाकी खुद आएगा।"