पंकज अवस्थी
नया टीवी शो शुरू होने पर हमेशा उत्साह रहता है, खासकर जब किरदार साधारण न हो। मनोज चंदीला का नया शो 'ओह हमनवा—तुम देना साथ मेरा' ऐसा ही मौका है। यह प्रतीक शर्मा और पार्थ शाह की स्टूडियो एलएसडी का प्रोडक्शन है। इसमें मनोज को एक नकारात्मक किरदार मिला है, जो मानवीय व्यवहार के काले पक्ष को दिखाता है। उन्होंने पहले भी ऐसे रोल किए हैं, लेकिन यह अलग है।
“टीवी में पूरा स्क्रिप्ट कम ही मिलता है,” मनोज बताते हैं। “मेरी क्रिएटिव डायरेक्टर अमीता ने कहानी और किरदार समझाया। सुनते ही उत्साहित हो गया। पहले भी खलनायकी की है, लेकिन यह इसे अगले स्तर पर ले जाने का मौका लगा।उत्साह जल्द किरदार को जीवंत करने में मदद करता है। “मैं तेज बोलता हूं, लेकिन यहां जानबूझकर धीमा किया है। ठहराव लाया है, ताकि तनाव बने। कुछ नया भी आजमा रहा हूं, जो पहले कभी नहीं किया। अभी राज खोलना नहीं चाहता।”
नकारात्मक भूमिकाएं उनके लिए नई नहीं। “पहले वाले रोल परिवार, लोभ-ईर्ष्या या संपत्ति के इर्द-गिर्द थे। यह ज्यादा कठोर है। भावनात्मक शोषण और विश्वास तोड़ने की कहानी है। ऐसा किरदार निभाना मुश्किल है, क्योंकि मेरी सोच इससे अलग है।”
“महिलाओं का सम्मान करता हूं, इसलिए इस मानसिकता में उतरना असहज लगता है। लेकिन सह-अभिनेत्री श्रीति मदद करती हैं। वह समझदार और सहयोगी हैं। हम साथ मिलकर सीन सेट करते हैं।”
मनोज का फॉर्मूला सरल है। उनके अनुसार,“भूमिकाओं को जटिल या सरल नहीं मानता। ईमानदारी जरूरी है। सोचता हूं कि ऐसा व्यक्ति असल जिंदगी में कैसे बर्ताव करेगा। छोटी-छोटी डिटेल्स पर ध्यान देता हूं, बैकस्टोरी ज्यादा नहीं बनाता।” इस किरदार की खासियत इसका भावनात्मक प्रभाव है। “यह विचलित करने वाला है। सिर्फ गुस्सा या धोखा नहीं, बल्कि गहरी चोट पहुंचाने वाली कहानी। यही इसे भारी बनाती है।” मनोज़ कहते है कि, "सेट पर माहौल सकारात्मक रहा। स्टूडियो एलएसडी परिवार जैसा है। पहले भी इनके साथ काम किया। ऊर्जा अलग है। खुश हूं कि उन्होंने मुझे यह रोल दिया।”