हॉरर फिल्म "हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट" की कामयाबी ने चेतना पांडे को राह दी है, पर वह अपने करियर को किसी एक साँचे में ढालना नहीं चाहतीं। फिल्म से मिली पहचान के बावजूद चेतना कहती हैं कि वह किसी एक शैली तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। उन्होंने बताया कि इस मुकाम पर उनका मकसद ऐसी भूमिकाएँ ढूँढना है जो भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हों।
चेतना ने स्वीकार किया कि हॉरर ने उन्हें कलाकार के रूप में कुछ नया सिखाया। लेकिन वह चाहती हैं कि अगला कदम विविधता भरा हो — चाहे वह एक मजबूत सार्वजनिक दर्शकप्रिय मनोरंजन हो, सघन नाटकीय काम, रोमांच से भरी कहानी, जीवनपरक चित्रण या कुछ बिल्कुल अनूठा। उनके लिए अभिनय का समय या ग्लैमर से अधिक महत्वपूर्ण कहानी और किरदार की ताकत है। "मुझे हर परियोजना से कुछ नया सीखना चाहिए, तभी एक कलाकार की असली बढ़त होती है," उन्होंने कहा।
फिल्म की सफलता पर चेतना अभी भी अपनी भावनाओं को समेट रही हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक चलने वाली मेहनत और अनिश्चितताओं के बाद सफलता का एहसास धीरे-धीरे आता है। इस समय उनका जज़्बा जश्न से ज़्यादा कृतज्ञता का है — परिवार, दोस्तों और टीम के साथ खुशी बाँटना उनके लिए सबसे बड़ा उत्सव है। चेतना ने यह भी माना कि यह सफलता जिम्मेदारी भी है; वह सहज या आत्मसंतुष्ट नहीं बनना चाहतीं और इसे और बेहतर चुनावों के लिए प्रेरणा बनाना चाहतीं। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ शुरुआत है" और आगे के काम को लेकर उत्साहित हैं।