पंजाबी सिनेमा और संगीत के लोकप्रिय सितारे दिलजीत दोसांझ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले नए सम्मान ने फिर से उनकी वैश्विक पहचान को रेखांकित कर दिया है। लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल ने 6 जनवरी 2027 को आधिकारिक रूप से ‘दिलजीत दोसांझ डे’ घोषित कर दिया है। यह ऐलान शहर की काउंसिलवुमन मोनिका रोड्रिगेज के प्रस्ताव के बाद हुआ, जिसमें दिलजीत के संगीत और सांस्कृतिक योगदान को विशेष रूप से सिरे से सराहा गया।
प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि दिलजीत ने पंजाबी संस्कृति और दक्षिण एशियाई समुदायों की पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है। उनके गाने और अभिनय ने सीमाओं का पार किया है और कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग बन चुकी है। ऐसे में लॉस एंजेलिस जैसे हॉलीवुड के केन्द्र ने यह कदम उठाकर उनके योगदान को मान्यता दी है, जो न सिर्फ उनके प्रशंसकों के लिए गर्व की बात है बल्कि पंजाबी कला के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।
दिलजीत ने अपने इंस्टाग्राम पर इस सम्मान का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे भावुक दिखे और खुशी ज़ाहिर की। फैंस, साथियों और फिल्मी हस्तियों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाइयां दीं। इस खबर ने भारतीय और इंटरनेशनल मीडिया में भी काफी ध्यान खींचा है।
हालाँकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि दिलजीत के पास 2022 से अमेरिकी नागरिकता है और वे यूएस पासपोर्ट का उपयोग करते रहे हैं; साथ ही उनकी पत्नी संदीप कौर के नागरिकता से जुड़े दावे भी आए हैं। इन दावों पर दिलजीत ने अभी तक सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो दिलजीत इन दिनों इम्तियाज अली निर्देशित फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी वाघ के अभिनय को भी समीक्षकों ने सराहा है और दर्शक भी इसे अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं।
यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पंजाबी संगीत और संस्कृति के वैश्विक प्रसार का संकेत है। ऐसे मौके कलाकारों के लिए प्रेरणा होते हैं और साथ ही विदेशों में बसे समुदायों के लिए भी गर्व का विषय बनते हैं। दिलजीत की यह सफलता बताती है कि भाषा और सीमाएँ अक्सर कला के सामने फीकी पड़ जाती हैं।