मुंबई, 10 जून (एजेंसी) — अभिनेत्री व राजनेता कंगना रानावत ने कहा है कि अगर किसी दृश्य से महिला कलाकार को असहज महसूस हो तो वह तुरंत अपनी बात रख सकती है और अक्सर निर्देशक भी मान लेते हैं कि उन्होंने इस तरह नहीं सोचा था। वह यह बात अपनी फिल्म "भारत भाग्य विधाता" के प्रचार के दौरान पीटीआई से बातचीत में कह रही थीं।
कंगना ने बताया कि फिल्म बनाना कई दृष्टिकोणों का मेल है। "आप कह सकती हैं कि यह दृश्य ऐसा लग रहा है। वे अक्सर कहते हैं कि हमने बंद कमरे में लिखते समय ऐसा नहीं सोचा था," उन्होंने कहा। उनका मानना है कि कोई जानबूझकर महिलाओं को वस्तु (ऑब्जेक्टिफाइ) करना नहीं चाहता, पर कभी-कभी ऐसा हो जाता है और तब कलाकारों की आपत्ति से सुधार हो सकता है।
यह टिप्पणी तब आई है जब जानवी कपूर और राम चरण की फिल्म "पेड्डी" के कुछ दृश्यों पर विवाद उठा था। खासकर एक सीन जिसमें कट-ऊर्जा के समय जबरन चुंबन दिखाया गया, कुछ दर्शकों ने उसे "यौन उत्पीड़न" कहा था। विवाद के बाद फिल्म के निर्देशक बुची बाबू साना ने माफी मांगी और ने कहा कि वे सीन बदल देंगे। कंगना ने कहा कि फिल्म एक सहयोगी काम है और अगर दल में महिलाएं अपनी बात रखें तो ऐसी समस्याएँ कम होंगी।