समीक्षा: सीरीज 'देसी ब्लिंग'

09 जून 2026
समीक्षा: सीरीज 'देसी ब्लिंग'

डॉ प्रकाश हिंदुस्तानी 

हद है यार ! T H E  New  Normal !!
नेटफ्लिक्स की सीरीज 'देसी ब्लिंग' ने सतीश सनपाल को दुबई के एक रसूखदार और रईस एनआरआई बिजनेसमैन के तौर पर पेश किया।  उनकी बीवी तबिंदा सनपाल का इंरटव्यू  भी आया। तबिंदा सनपाल ने शो में अपने पति सतीश के लिए कहा था कि उन्हें दूसरी लड़कियों के साथ वक्त बिताने का काफी 'शौक' है।  पहले वो इस बात से जलती थीं, मगर वो उनपर भरोसा करती हैं।  तबिंदा का कहना था कि उन्हें तब तलक कोई फर्क नहीं पड़ता जब तलक सतीश अलग-अलग लड़कियों के साथ वक्त बिताते रहें और पूरी रात उसके साथ पार्टी करें. दिक्कत तो तब होगी जब उनके पति एक ही लड़की के साथ ज्यादा समय तक रहने लगेंगे, उनके अंदर एक इमोशनल कनेक्शन पैदा हो जाएगा।  वो यह भी बोलीं कि सतीश मुझसे बहुत प्यार करते हैं।  मेरी हर सुविधा और ऐशो आराम का ध्यान रखते हैं।  मुझे हर बर्थडे पर कम से कम 3 किलों सोना गिफ्ट  में देते हैं। अब तक 40 किलो सोना मुझे गिफ्ट कर चुके हैं और आगे मेरे बर्थडे पर मुझे सोने से तोलने वाले हैं। सतीश ने हमारी बेटी को पहले बर्थडे पर पिंक कलर की रोल्स रॉयस गिफ्ट की।  मुझे अपनी 35 करोड़ की बुगाटी चिरोन कार में घुमाते हैं ! मेरे साथ दुबई में ही बुर्ज खलीफा में आलीशान अपार्टमेंट में रहते हैं लेकिन जब मैंने कहा कि इसकी कांच की खिड़कियां हमेशा बंद क्यों रखनी पड़ती है?  अब  वे मेरे  'दुबई हिल्स' में 50,000 स्क्वायर फीट का महल जैसा घर बना रहे हैं। सतीश सनपाल जबलपु र के हैं।  आठवीं पास है। कहते हैं कि दुबई में साम्राज्य करीब 14,000 करोड़ का है।  17 साल की उम्र में अपनी मां से 50,000 रुपय्या उधार लेकर एक छोटी सी किराने और सब्जी की दुकान खोली थी, जो करीब दो साल बाद बंद हो गई। इसके बाद शेयर बाजार में कमीशन ब्रोकर के रूप में काम किया और फिर 15-20 साल पहले दुबई चले गए। वहां शुरुआत में सोने के व्यापार में हाथ आजमाया। कोविड-19 महामारी के दौरान सतीश ने जोखिम उठाकर दुबई के रियल एस्टेट मार्केट में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। महामारी के बाद जब मार्केट उछला, तो बल्ले बल्ले हो गई। आज वे 'एनाक्स होल्डिंग'  कंपनी के मालिक और चेयरमैन हैं, जो रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और निवेश के धंधे में है !

अब आगे जानिए :

बन्दे पर आरोप है कि वह  विजय माल्या और ललित मोदी, मेहुल चौकसी तथा संदेसरा बंधुओं की पवित्र परम्परा का अनुगामी है। उस पर अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग,  शेल कंपनियां और मनी लॉन्ड्रिंग,  हवाला नेटवर्क चलाने का इल्जाम है। जबलपुर (लॉर्डगंज थाना) में दर्ज एफआईआर के अनुसार,  हवाला के लिए  गरीब सीधे-साधे लोगों को लोन दिलाने या मदद करने के बहाने उनके आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज ले लिए जाते थे और फिर उन लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर करोड़ों का अवैध ट्रांजैक्शन किया जाता था।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए भारतीय प्रवर्तन एजेंसियों ने उनके खिलाफ देश के हवाई अड्डों पर 'लुक-आउट सर्कुलर' भी जारी किया हुआ है। सतीश को अब तक कोई सजा नहीं मिली है।  उसके वकीलों ने हिन्दी  के एक बड़े अखबार पर 6 मई 2026 को मानहानि का मामला ठोका है और दावा किया है कि  एक सोची-समझी साजिश के तहत मानहानिकारक अभियान चलाया जा रहा है। वकीलों ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया है कि जिन आपराधिक मामलों का मीडिया में हवाला दिया जा रहा है, उनमें सक्षम अदालतों द्वारा सतीश संपाल को जमानत दी जा चुकी है।  भारत की किसी भी अदालत द्वारा दोषी करार नहीं दिए गए हैं और न ही उन्हें घोषित अपराधी  माना गया है।स

ज़ा नहीं मिली है तो पवित्र ही हुए ना !

...फिर आप जैसा चाहें, सोचें !