हिमांशु राज़
जानवी कपूर की हालिया रिलीज फिल्म 'पेड्डी' बॉक्स ऑफिस पर तो सफल रही है — दूसरे दिन ही 150 करोड़ रुपये से अधिक की वर्ल्डवाइड कमाई कर ली — लेकिन अभिनेत्री के कैरियर की दृष्टि से यह फिल्म सबसे बड़े विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर जानवी के किरदार 'अचियम्मा' को लेकर भारी आलोचना हो रही है, और काफी अभद्र शब्दों का प्रयोग भी किया जा रहा है।
सबसे बड़ी आलोचना यह है कि 350 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म में जानवी के कैरेक्टर को सिर्फ ग्लैमर और फिजिकल अपीरियंस तक सीमित कर दिया गया है। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट को जानवी कपूर ने लाइक किया जिसमें 'पेड्डी' को "भारतीय सिनेमा की किसी लीडिंग एक्ट्रेस के प्रति सबसे महँगा अपमान" बताया गया। उस पोस्ट में आरोप लगाया गया कि उनका कैरेक्टर "कमर, पेट, पीठ या कहे थोथा अंग प्रदर्शन का वास्तविक सम्मिलित रूप" मात्र बनकर रह गया है।
जाह्नवी को अक्सर उनके चेस्ट और कमर के शॉट्स के जरिए एक 'ऑब्जेक्ट' की तरह दिखाया गया है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जाह्नवी कपूर ने पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान इन शॉट्स पर साफ तौर पर सवाल उठाए थे। यह कदम इंडस्ट्री की महिलाओं को जरूरत से ज्यादा सेक्सुअलाइज करने की आदत के खिलाफ उनके हालिया सार्वजनिक रुख को पूरी तरह से दिखाता है।
फिल्म में जानवी की इंट्रोडक्शन सीन सबसे विवादित है — कैमरा बार-बार उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर फोकस करता है और अंत में चेहरा दिखाता है। दर्शकों का कहना है कि यह क्रम "मेल गेज़" को प्राथमिकता देता है, चरित्र की परिभाषा को नजरअंदाज करते हुए। जानवी को 'आई-कैंडी' बनाकर पेश किया गया — एक्टिंग छोड़ सिर्फ अपनी फिगर दिखाती रह जाती हैं।
सबसे गंभीर आरोप है सहमति की कमी। फिल्म में राम चरण का किरदार जानवी की इजाजत के बिना उनसे किस करता है, और यह रोमांस के रूप में पेश किया जाता है। दर्शकों का कहना है कि यह यौन उत्पीड़न है, न कि रोमांस। एक दृश्य में जानवी का किरदार जनता के सामने अपमानित किया जाता है, जबकि पुरुष पात्र बेपरवाह रहता है।
यह आलोचना इतनी तीव्र हुई कि निर्देशक बुची बाबू सना को माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग इसे नकारात्मक दृष्टिकोण से देखेंगे" और जानवी के सीन्स को बदलने का वादा किया। लेकिन लोगों का मानना है कि यह लीपापोती है।
वायरल स्क्रीनशॉट्स में दावा किया गया है कि जानवी ने शूटिंग के दौरान ही कुछ कैमरा एंगल्स पर आपत्ति जताई थीं। जानवी ने खुद माना है कि वह अश्लील कैमरे एंगल से काफी परेशान थी फिल्म की शूटिंग के दौरान। उन्होंने प्रमोशन से भी इनकार कर दिया क्योंकि उनका रोल बहुत छोटा था।
पिछली साउथ फिल्मों में भी जानवी का किरदार शोकेस से ज्यादा नहीं रहा। देवरा और अब पेड्डी — दोनों में ही साउथ इंडस्ट्री ने उन्हें अपनी फिल्मों में इस्तेमाल करने की कोशिश की, जो कई सवाल खड़े करता है। रत्ना पाठक शाह का पुराना क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अभिनेत्रियों को ऑब्जेक्टिफाई करने वाले किरदार स्वीकार या अस्वीकार करने का विकल्प होता है।
क्या यह फिल्म जानवी कपूर की गलती थी? पेशेवर दृष्टि से, हाँ। एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री के रूप में, जिसने हिंदी फिल्मों में दमदार कैरेक्टर दिए हैं, 'पेड्डी' जैसे किरदार को स्वीकार करना गलत था। लेकिन यह सिर्फ उनकी गलती नहीं है — यह साउथ सिनेमा की वह प्रवृत्ति है जो महिलाओं को सिर्फ अंग प्रदर्शन का स्वरूप मान लेती है।
सोशल मीडिया पर जानवी पर भद्दे टिप्पणियाँ करना गलत है, क्योंकि वे शिकार हैं, अपराधी नहीं। लेकिन यह सच है कि 'पेड्डी' जानवी कपूर के कैरियर का वह मोड़ है जहाँ उन्हें सही नहीं कहा जा सकता।