हिमांशु राज़
फिल्मों, वेब शो और शॉर्ट फिल्मों में तमिल, तेलुगु, कन्नड़ व हिंदी सिनेमा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकीं अनुपमा प्रकाश ने ‘रिस्कनामा’, ‘प्रभा की डायरी’, ‘इनसाइड स्टोरीज: हैंडकफ्ड’, ‘मंगलीक’ व ‘फर्जी काका’ जैसी परियोजनाओं में काम किया है। अभिनय के अलावा वे निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं, जिनमें ‘गजानन आओ फिर एक बार’, ‘बैंड बाजा आफत’ व ‘रंजहन मिल्या’ शामिल हैं। आगामी ‘शर्त: अ वीयर्ड बेट’ के साथ वे अपनी बैनर ‘कच्चा लेमन प्रोडक्शंस’ के तहत प्रतिभावी कलाकारों को मंच प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
अपने प्रोडक्शन हाउस के विजन पर बोलते हुए अनुपमा ने कहा कि उन्होंने देखा कि कई संघर्षरत अभिनेता वर्षों तक ऑडिशन और मीटिंग्स के चक्कर लगाते हैं, फिर भी सार्थक मौके नहीं पाते। वे ऐसे कलाकारों को सही प्लेटफॉर्म देना चाहती हैं, जो वास्तविकता पर आधारित व भावुक कहानियों की ओर आकर्षित होती हैं। रचनात्मक प्रक्रिया में वे लेखकों व निर्देशकों के साथ गहराई से जुड़ी रहती हैं। टीम केवल उन कहानियों को ही चुनती है, जिन पर पूर्ण विश्वास हो, ताकि गुणवत्ता बनी रहे।
मनोरंजन उद्योग में ट्रेंड्स भले ही हावी हों, लेकिन मजबूत कहानी ही राज करती है। उनके लिए मनोरंजन के साथ सार्थकता जरूरी है। निर्माण यात्रा में वित्तीय दबाव, टीम प्रबंधन व प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां आती हैं, लेकिन इन्हें वे सीखने का अवसर मानती हैं। कास्टिंग में वे दिखावे से ऊपर आत्मविश्वास, स्क्रीन प्रेजेंस व सच्ची अभिनय क्षमता को प्राथमिकता देती हैं। शूट से पहले नरेशन सेशंस से अभिनेता दृश्यों को बेहतर समझ पाते हैं।
भविष्य में अनुपमा अभिनेत्री व प्रोड्यूसर दोनों रूपों में विकसित होकर बॉलीवुड से आगे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।