माधुरी दीक्षित ने ताई मंदिर के असली फूलों से बनी 'रेखा' नामक साड़ी पहनकर पारंपरिक फैशन में नया आयाम प्रस्तुत किया। यह गहरा गुलाबी साया लिए ड्रेप करीब सात दिन में तैयार हुआ। एक महिला टीम ने मंदिर के फर्श पर पड़े गेंदे और अन्य फूल इकट्ठा कर, उन्हें पूजन के बाद कपड़े पर लगाया। पंखुड़ियों को धीरे‑धीरे भाप दी गई ताकि उनका प्राकृतिक रंग कपड़े में उतर जाए। साड़ी का गुलाबी‑से‑सोने वाला ग्रेडिएंट सापन की छाल और गेंदे की पंखुड़ियों से निकाले गए पर्यावरण‑अनुकूल रंगों से प्राप्त हुआ। पल्लू के टसलों में प्याज़ की परत का इस्तेमाल कर हल्की चमक दी गई। जिन महिलाओं के काम को अक्सर केवल घरेलू या मंदिरी ज्ञान माना जाता रहा, उन्हीं की कला ने बिखरे फूलों को एक साड़ी में बदल दिया। माधुरी ने इसे हाई‑नेक ब्लाउज और सूक्ष्म गाँठ वाले डिटेल के साथ पहना, बाल क्लीन बन में सजे और ताज़े गुलाबी फूल लगाए। आभूषण सीमित और मेकअप नरम—गुलाबी गाल, गुलाबी होंठ और हल्का आईशैडो—रखा गया, ताकि साड़ी का प्राकृतिक और कलात्मक प्रभाव बना रहे। साधारण सामग्री से बनी यह साड़ी पारंपरिक परिधान और महिला कलात्मकता दोनों का पर्याय साबित हुई।