"सेट पे परिवार जैसा माहौल"-गरिमा जैन ने बताया सुखद अनुभव

29 मई 2026
"सेट पे परिवार जैसा माहौल"-गरिमा जैन ने बताया सुखद अनुभव

अपने काम के दौरान हुए अनुभवों को साँझा करते हुए अभिनेत्री गरिमा जैन कहती हैं कि ईगल फिल्म्स की "आफिस आफिस चली मुसद्दी की बेटी" की शूटिंग ने उन्हें वह माहौल दिया जो बहुत कम परियोजनाओं पर मिलता है। उन्होंने बताया कि यह अब तक का सबसे सुसंगत समूह था जिसमें उन्होंने काम किया। हर कलाकार—मुख्य कलाकारों से लेकर एपिसोड के लिए आए चरित्रकलाकार तक—सोच समझकर चुने गए थे और सेट पर वातावरण बहुत सहज रहा।
गरिमा ने निर्देशक की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे 'जहाज़ के कप्तान' की तरह थे, जिन्होंने सेट का रुख और तालमेल बनाए रखा। निर्माता उमेश मेहरा हर दिन सेट पर रहते, सभी के साथ बैठकर भोजन करते, मेलजोल बढ़ाते और खुशमिजाज बने रहते। प्रकाश व्यवस्था बदलने के समय कलाकार मिलकर गाते और बातें करते थे; इसका सकारात्मक असर काम पर भी दिखा।
सबसे खास बात, गरिमा ने कहा, अहंकार का पूर्ण अभाव था। चाहे नए कलाकार हों या वरिष्ठ, किसी ने कोई झंझट नहीं किया। "हमारे तालाब में एक भी खराब मछली नहीं थी," उन्होंने हँसकर कहा।
गरिमा का कहना है कि उमेश जी न केवल अनुभवी निर्माता-निर्देशक हैं, बल्कि संवेदनशील और उदार स्वभाव के भी हैं। वे रोज कलाकारों की भलाई पूछते, समस्या हो तो सहायता करते और घर का बना हुआ भोजन भी लाते। गरिमा ने बतलाया कि उन्होंने अचारी आलू की इच्छा जताई तो उमेश जी ने वह उन्हें दिलवाए।
अंत में गरिमा ने कहा कि उमेश मेहरा ने सभी को बहुत 'बिगाड़' दिया और यह बिगाड़ना उनके लिए सुखद अनुभव रहा; वे आगे भी उनके साथ बार-बार काम करना चाहेंगी।