हिमांशु राज़
90s के जाना-पहचाना चेहरा और उन दिनों की कई हिट फिल्मों के करिश्माई कलाकार दीपक तिजोरी ने फ्रांस केफ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में 'बेस्ट एक्टर' का पुरस्कार जीत कर अपनी कला को एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर से मान्यता दिलाई। जो राजन निर्देशित अंग्रेजी शॉर्ट फिल्म 'Echoes Of Us' में तिजोरी की संवेदनशील और प्रभावशाली परफॉर्मेंस को जूरी ने इस सम्मान के लायक ठहराया। लंबे समय तक कमर्शियल फिल्मों से जुड़े रहने के बाद वे अब अधिकतर इंडी और ग्लोबल प्रोजेक्ट्स चुन रहे हैं, और यह ताजा जीत उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित हुई है। दिलचस्प बात यह है कि अंग्रेजी भाषा वाली शॉर्ट फिल्म के लिये यह तिजोरी का 21वाँ 'बेस्ट एक्टर' खिताब बताया जा रहा है, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की लगातार सफलता और चयन की सूझबूझ को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने उन परियोजनाओं पर काम किया है जो पारंपरिक बॉलीवुड आरझुओं से हटकर, अलग किस्म की कहानियाँ और प्रयोग पेश करती हैं — इसी कारण वैश्विक फिल्म महोत्सवों में उनकी एक अलग पहचान बन चुकी है। 'Echoes Of Us' केवल अवॉर्ड-जीतने वाली परफॉर्मेंस की वजह से चर्चित नहीं हुई; इसकी मजबूत पटकथा, ठीकठाक निर्देशन और कलाकारों के बीच की केमिस्ट्री ने भी फिल्म को आलोचक और दर्शकों दोनों से तारीफ दिलाई। फिल्म ने अमेरिका और यूरोप के कई फेस्टिवल सर्किट में अच्छा रिस्पॉन्स देखा है। इस फिल्म से यूलिया वंतूर ने अभिनय में कदम रखा, जबकि पूजा बत्रा ने इसे प्रोड्यूस किया। फिल्म की आधिकारिक स्क्रीनिंग 14 मई 2026 को 'Palais C' में रखी गई थी — यह दिखाता है कि छोटे फॉर्मेट की कहानियाँ भी बड़े मंचों पर पहचान बनाने लगी हैं। फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल भले ही मुख्य कान्स की लाइनअप से अलग हो, पर शॉर्ट फिल्मों और नए फिल्मकारों को प्लेटफार्म देने में इसकी अपनी अहमियत है।कान्स में पुरस्कार के साथ-साथ तिजोरी का अंदाज भी सबकी निगाहों में रहा। 'Carlton Cannes Fashion Event' में उन्होंने डिजाइनर इशिका जैन के शो में रैंप वॉक किया — ब्लैक और गोल्डन ब्लेज़र में उनका रूप काफी प्रभावशाली लगा। यह पल दर्शाता है कि वे सिर्फ अभिनेता ही नहीं, पब्लिक और फैशन परिसरों में भी सहजता से घुल-मिल रहे हैं।दीपक तिजोरी की करियर-यात्रा इस बात का सबूत है कि लगातार प्रयास, समझदारी से प्रोजेक्ट्स चुनना और नए प्लेटफॉर्मों पर खुद को परखना किसी भी कलाकार को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है। 90s की यादगार फिल्मों — 'आशिकी', 'कभी हाँ कभी न', 'जो जीता वही सिकंदर' और 'अंजाम' जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएँ आज भी दर्शकों के बीच जिंदा हैं। अब अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ वे एक नए दौर में कदम रख चुके हैं, जहाँ उनके अनुभव और नए प्रयोग दोनों का मिश्रण दिखता है।