आनन्दम्: देश का सबसे बड़ा भक्ति संगम,शंकर महादेवन,सोनू निगम,शान होंगे शामिल

27 मई 2026
आनन्दम्: देश का सबसे बड़ा भक्ति संगम,शंकर महादेवन,सोनू निगम,शान होंगे शामिल

हिमांशु राज़ 

ड्रीम सेट गो ने जिओ क्रिएटिव लैब्स और संगीतसम्राट शंकर महादेवान के साथ मिलकर एक बड़ा भक्ति-संगीत कार्यक्रम — आनन्दम् : भक्ति की प्रतिध्वनि — आयोजित करने की घोषणा की है। यह अनूठा मंच 27 जून को जेआइओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बीकेसी, मुंबई में सजाया जाएगा। कार्यक्रम में देश के जाने-माने कलाकार—सोनू निगम, शान, नंदी बहनें, निकहर जुनेजा, सिद्धार्थ महादेवान, हिमानी ठाकुर, शिवम महादेवान और डीजे आफ्टरऑल—आदि भाग लेंगे। इन कलाकारों के संगठित गायन और प्रस्तुति से दर्शकों को भक्ति का गहरा अनुभव मिलेगा।
आयोजन को खास तरह से बनाया गया है ताकि वह केवल संगीत का माहौल ही न बने, बल्कि देखने, सुनने और महसूस करने वाला एक पूरा अनुभव बने। पारम्परिक भक्ति-रागों को आधुनिक मंच सज्जा, बड़ी पृष्‍टभूमि पर चलने वाले दृश्यों और भावनात्मक प्रस्तुतियों के साथ जोड़कर रचना की गई है। इससे दर्शक न सिर्फ गीत सुनेंगे, बल्कि दृश्य, प्रकाश और संगीत के मेल से उस भाव को जीवित अनुभव करेंगे जो भक्ति का असली सार है। आयोजक बताते हैं कि कार्यक्रम में ध्वनि और प्रकाश के साथ कहानी कहने का भी महत्व होगा, जिससे हर गीत एक छोटी-सी कथा का रूप ले लेगा और श्रोताओं के अंदर भावनाओं की लहरें उठेंगी।
ड्रीम सेट गो के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोनिश शाह ने कहा कि आज लोग अनुभवों को महत्व देते हैं और भक्ति, संगीत और समुदाय मिलकर नए रूप बना रहे हैं। आनन्दम् इसी सोच का नतीजा है — भक्ति को बड़े और खूबसूरत अंदाज में पेश करना ताकि हर आयु के लोग उससे जुड़ सकें। शंकर महादेवान ने बताया कि यह उनका एक व्यक्तिगत सपना है। वे चाहते थे कि भक्ति का आयोजन ऐसा हो जो भाव, ऊर्जा और संगीत से भरपूर हो और दर्शक उसे जीवन में एक खास पल के रूप में याद रखें। जिओ क्रिएटिव लैब्स के आदित्य भट ने भी कहा कि उन्होंने कार्यक्रम को एक प्रार्थना की तरह सजाने का प्रयास किया है, ताकि मंच और प्रदर्शन दोनों मिलकर एक शांत और उठाने वाला माहौल दे सकें। यह कार्यक्रम भक्ति-संगीत के पारंपरिक प्रेमियों के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी उपयोगी रहेगा जो आधुनिक कला, दृश्य प्रभाव और संगीत के संयोजन से आत्मिक जुड़ाव ढूँढते हैं। आनन्दम् का उद्देश्य केवल सुनने का नहीं, बल्कि हर श्रोता को अनुभव करने और भीतर तक छू जाने वाला एक साझा पल देना है। 27 जून की संध्या में मुंबई का यह आयोजन निश्चय ही संगीत और आस्था के प्रति लोगों की समझ को नया आयाम देगा और उसे एक रंगीन, भावनात्मक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में पेश करेगा।