सहन: संघर्ष सच्चाई संवेदना का संगम

20 मई 2026
सहन: संघर्ष सच्चाई संवेदना का संगम

हिमांशु राज़ 

'सहन' एक संवेदनशील सामाजिक-ड्रामा फिल्म है, जो एक गृहिणी की चुप्पी, उसके भीतर दबे दर्द और रिश्तों की जटिलताओं को सामने लाती है। फिल्म की कहानी नुसरत के इर्द-गिर्द घूमती है, जो लंबे समय से अपने संघर्षों को सहती आ रही है, जबकि उसके पति इमरान की बाहरी छवि एक अलग ही कहानी कहती है। यही विरोधाभास फिल्म को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाता है।
फिल्म का निर्देशन प्रभाकर “मीना भास्कर” पंत ने किया है। उन्होंने कहानी, पटकथा और संवाद भी खुद लिखे हैं, जिससे फिल्म में एक सुसंगत और व्यक्तिगत दृष्टि दिखाई देती है। प्रभाकर पंत ने घरेलू जीवन की परतों, स्त्री-पीड़ा और मौन के मनोविज्ञान को जिस तरह से उकेरा है, वह फिल्म को केवल एक पारिवारिक कथा नहीं रहने देता, बल्कि उसे एक सामाजिक टिप्पणी में बदल देता है।
फिल्म में विशाल ओम प्रकाश ने इमरान शेख की भूमिका निभाई है और प्रज्ञा महेश्वरी नुसरत शेख के किरदार में नजर आती हैं। विशाल ओम प्रकाश लंबे समय से अपने तीव्र और प्रभावशाली अभिनय के लिए पहचाने जाते रहे हैं। पीपली लाइव और जॉली एलएलबी जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी थी। उनके प्रशंसकों में कई बड़े कलाकार भी शामिल रहे हैं, और कई लोग उन्हें नवाजुद्दीन सिद्दीकी तथा मनोज बाजपेयी जैसे सशक्त अभिनेताओं की श्रेणी में भी रखते हैं। अपनी इंटेंस परफॉर्मेंस के कारण विशाल ओम प्रकाश ने हर फिल्म में अलग पहचान बनाई है। पीपली लाइव में पत्रकार वाले उनके किरदार को आज भी दर्शक याद करते हैं। उसी तरह सहन में भी उनका अभिनय फिल्म की रीढ़ बनता है और कहानी को विश्वसनीयता देता है। फिल्म का केंद्र केवल एक रिश्ते का तनाव नहीं, बल्कि उस टूटन का एहसास है जो लंबे मौन के बाद सामने आता है। यही वजह है कि सहन एक गंभीर, असरदार और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म के रूप में सामने आती है।